
कथित नीट यूजी 2024 (NEET UG 2024) पेपर लीक की पृष्ठभूमि में आरएसएस (RSS) की शिक्षा शाखा विद्या भारती (Vidya Bharati) ने सुझाव दिया है कि सरकार को ओपन बुक एग्जाम कराने पर विचार करना चाहिए और प्रश्न बैंक तैयार करना चाहिए। साथ ही आईआईटी परीक्षाओं की तर्ज पर केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं का पुनर्गठन करना चाहिए। ये सुझाव एनटीए की कार्य प्रणाली की समीक्षा करने के लिए के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित विशेष समिति को भेजे गए हैं।
विद्या भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष डी रामकृष्ण राव ने कहा कि परीक्षा आयोजित करने के तरीके में बदलाव की जरूरत है। परीक्षाओं में परीक्षार्थी की बुद्धि, योग्यता और दृष्टिकोण का परीक्षण करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। एक बार ऐसा होने के बाद पेपर लीक होने का कोई सवाल ही नहीं रहेगा। जब याद करके लिखना होता है, तो ये सभी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।
आईआईटी परीक्षा पैटर्न की वकालत करते हुए राव ने कहा कि जब आप आईक्यू का परीक्षण करते हैं…. आईआईटी परीक्षा आयोजित करते हैं…. यह एक फुलप्रूफ प्रणाली है क्योंकि परीक्षा का तरीका अलग है। एनटीए बहुत सारी परीक्षाएं आयोजित कर रहा है। एक बार परीक्षा प्रणाली बदल दी जाए तो चीजें बेहतर हो जाएंगी।
संगठन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि प्रश्न बैंक बनाने और खुली किताब परीक्षा के विचार करने के अलावा ये सुझाव राधाकृष्णन समिति को भेजे गए हैं।
गौरतलब है कि शिक्षा मंत्रालय ने 22 जून को नीट यूजी और यूजीसी-नेट के आयोजन में अनियमितताओं की रिपोर्ट के बाद परीक्षा सुधारों पर विचार करने और एनटीए के कामकाज की समीक्षा के लिए एक विशेष उच्च स्तरीय समिति बनाई है। समिति के अध्यक्ष के राधाकृष्णन हैं। राव ने यह भी कहा कि नीट पेपर लीक दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बहुत चिंता का विषय है। ऐसी घटनाओं से योग्यता पर कोई असर न पड़े, इसके लिए हम अपने स्कूलों के माध्यम से हर संभव प्रयास करेंगे।




Add comment