Edinbox Hindi

बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा, PM हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र सड़कों पर उतरे

बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच बांग्लादेश में एक बार फिर से हिंसा का दौर शुरू हो गया है। इस बार हजारों प्रदर्शनकारी छात्र प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी छात्र लगातार प्रधानमंत्री शेख हसीना का इस्तीफा मांग रहे हैं। रविवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर शुरू हुई हिंसक झड़प में अब तक 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में 14 पुलिस वाले भी शामिल हैं। वहीं अब तक गोली लगने से घायल हुए 40 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश की यात्रा न करने की सलाह दी है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

सरकार ने हिंसा पर काबू करने के लिए देशभर में कर्फ्यू लगा दिया है। साथ ही अगले 3 दिनों के लिए छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। इसके अलावा राजधानी ढाका में दुकानों और बैंकों को बंद करने के आदेश भी दिए गए हैं। पुलिस की तरफ से भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस और स्मोक ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया। हिंसा को काबू करने के लिए सरकार ने इंटरनेट बंद कर दिया है। साथ ही फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी रोक लगा दी है।

नेशनल कमेटी ऑन सिक्योरिटी अफेयर्स की बैठक में PM हसीना ने कहा है कि जो देश में प्रदर्शन कर रहे हैं वे छात्र नहीं बल्कि आतंकी हैं। मैं देशवासियों से अपील करती हूं कि वे इन आतंकियों को रोकने के लिए एकजुट हो जाएं। इस बैठक में हसीना के साथ बांग्लादेश की तीनों सेनाओं के चीफ, पुलिस चीफ और टॉप सिक्योरिटी अफसर शामिल हुए थे।

शेख हसीना इसी साल जनवरी में लगातार चौथी बार बांग्लादेश प्रधानमंत्री बनी हैं।हालांकि इस चुनाव का प्रमुख दल विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बहिष्कार किया था। BNP निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे की मांग कर रही थी। चुनाव नतीजे आने के बाद देशभर में हिंसा और प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, फेनी में हिंसा के दौरान पांच लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा सिराजगंज में चार, मुंशीगंज में तीन, बोगुरा में तीन, मगुरा में तीन, भोला में तीन, रंगपुर में तीन, पाबना में तीन, सिलहट में दो, कोमिल्ला एक, जयपुरहाट में एक, ढाका में एक और बारीसाल में एक व्यक्ति की मौत हुई है। बांग्लादेश के मुंसीगंज में पुलिस, सत्ताधारी और विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई तीन तरफा झड़प में 2 मजदूरों की भी मौत हो गई। मुंसीगंज जिला अस्पताल के मुताबिक, मजदूरों की मौत गोली लगने से हुई।

उधर, बांग्लादेश की मौजूदा संवेदनशील स्थिति को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को बांग्लादेश की यात्रा न करने की सलाह दी है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने रविवार देर रात एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि बांग्लादेश में चल रही हिंसा के चलते भारतीय नागरिक यात्रा करने से बचें। बयान में कहा गया है, ‘मौजूदा घटनाक्रमों को देखते हुए, भारतीय नागरिकों को अगले आदेश तक बांग्लादेश की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी जाती है। बांग्लादेश में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने, अपनी गतिविधियों को सीमित रखने और ढाका में भारतीय उच्चायोग के आपातकालीन फ़ोन नंबर 8801958383679, 8801958383680, 8801937400591 के ज़रिए संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।” 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed