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CUET UG 2027 में बड़े बदलाव की तैयारी, एक दिन में परीक्षा और कम सवालों पर विचार; जानें नया पैटर्न

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) समेत केंद्रीय और अन्य भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों में दाखिले की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए CUET UG से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) CUET के परीक्षा पैटर्न में बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित बदलावों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कई दिनों तक परीक्षा केंद्रों के चक्कर लगाने से राहत देना और परीक्षा प्रक्रिया को आसान बनाना है।

रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय के निर्देश के बाद NTA के विशेषज्ञों ने परीक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर एक रोडमैप तैयार किया है। हालांकि, इन बदलावों की अभी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इसलिए एक दिन में परीक्षा, कम सवाल, कम समय या विषयों की संख्या घटाने जैसी बातों को फिलहाल प्रस्तावित बदलाव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

CUET क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

Common University Entrance Test यानी CUET का आयोजन NTA की ओर से विश्वविद्यालयों के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है। CUET UG के स्कोर के आधार पर भाग लेने वाले विश्वविद्यालय अपने विभिन्न UG पाठ्यक्रमों में दाखिला देते हैं।

CUET UG देश की बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। 2026 में इसके लिए अलग-अलग विषयों में 67.55 लाख से अधिक विषय-आधारित आवेदन दर्ज किए गए थे। परीक्षा 11 से 31 मई 2026 के बीच कंप्यूटर आधारित परीक्षा के रूप में आयोजित की गई थी।

वर्तमान CUET UG 2026 में कुल 37 विषय उपलब्ध हैं। इनमें 13 भाषाएं, 23 डोमेन विषय और General Aptitude Test शामिल हैं।

मौजूदा पैटर्न में विद्यार्थियों को क्या परेशानी होती है?

CUET UG में विद्यार्थी अपनी पसंद और संबंधित विश्वविद्यालय की पात्रता शर्तों के अनुसार विषय चुनते हैं। अलग-अलग विश्वविद्यालय और पाठ्यक्रमों में विषयों की जरूरत अलग हो सकती है। इसलिए सभी विद्यार्थियों के लिए एक जैसे 4 या 5 विषय अनिवार्य हैं, ऐसा कहना सही नहीं होगा।

समस्या तब बढ़ती है जब किसी विद्यार्थी के चुने हुए विषयों की परीक्षाएं अलग-अलग तारीखों और शिफ्ट में पड़ती हैं। 2026 में भी NTA ने विषय और भाषा के हिसाब से अलग-अलग परीक्षा कार्यक्रम जारी किया था और उम्मीदवारों को निर्धारित तारीख व शिफ्ट में परीक्षा देने के निर्देश दिए गए थे।

इस व्यवस्था में किसी विद्यार्थी को एक से ज्यादा दिन परीक्षा केंद्र जाना पड़ सकता है। दूसरे शहर से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों के लिए इसका मतलब अतिरिक्त यात्रा, रहने और खाने का खर्च भी हो सकता है।

क्या हर विषय में 60 मिनट और 50 सवाल होते हैं?

यहां एक महत्वपूर्ण तथ्यात्मक सुधार जरूरी है। दिए गए मूल विवरण में बताया गया है कि मौजूदा CUET UG में हर विषय के लिए 60 मिनट और 50 सवाल होते हैं। यह सभी विषयों पर लागू मौजूदा नियम नहीं है।

CUET के परीक्षा पैटर्न में समय और सवालों की संख्या विषय के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए विद्यार्थियों को संबंधित वर्ष की आधिकारिक सूचना पुस्तिका के आधार पर अपने विषयों का पैटर्न देखना चाहिए। NTA ने पहले भी अलग-अलग विषयों के लिए अलग परीक्षा अवधि और सवालों की व्यवस्था रखी है।

प्रस्तावित बदलावों में क्या हो सकता है?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, NTA विद्यार्थियों की परीक्षा प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें सबसे अहम बदलाव ‘वन स्टूडेंट-वन डे एग्जाम’ व्यवस्था हो सकती है।

इसके तहत कोशिश की जा सकती है कि किसी उम्मीदवार के चुने गए सभी विषयों की परीक्षा एक ही दिन आयोजित हो और उसे एक ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाए। इससे विद्यार्थियों को अलग-अलग तारीखों में परीक्षा देने के लिए बार-बार केंद्र जाने की जरूरत कम हो सकती है।

हालांकि, यह व्यवस्था लागू करने के लिए परीक्षा केंद्रों, कंप्यूटर सिस्टम, शिफ्ट और विषयों के संयोजन की बड़ी स्तर पर तैयारी करनी होगी। इसलिए अंतिम व्यवस्था NTA की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

कम हो सकते हैं सवाल और परीक्षा का समय

प्रस्तावित बदलावों में प्रत्येक विषय में पूछे जाने वाले सवालों की संख्या कम करने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके साथ परीक्षा की अवधि भी कम की जा सकती है।

रिपोर्टों में प्रत्येक विषय के लिए करीब 40 से 45 मिनट की संभावित अवधि का उल्लेख किया गया है। लेकिन यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है। NTA की ओर से आधिकारिक परीक्षा पैटर्न जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस विषय में कितने सवाल होंगे और परीक्षा के लिए कितना समय दिया जाएगा।

क्या विषयों की संख्या भी घटेगी?

CUET UG में विद्यार्थियों को कितने विषय चुनने हैं, यह काफी हद तक संबंधित विश्वविद्यालय और पाठ्यक्रम की प्रवेश शर्तों पर निर्भर करता है। प्रस्तावित बदलावों में विश्वविद्यालयों के बीच विषय चयन को लेकर अधिक समानता लाने पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है।

रिपोर्टों के मुताबिक, General Aptitude Test (GAT) को कुछ पाठ्यक्रमों में अनिवार्य रखने की व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकता है। इसका मतलब यह हो सकता है कि सभी विद्यार्थियों को ऐसे विषय की परीक्षा देने की जरूरत न पड़े, यदि उनके चुने हुए पाठ्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय इसकी मांग नहीं करता।

लेकिन इस संबंध में भी अभी अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

विद्यार्थियों को अभी क्या करना चाहिए?

CUET UG 2027 की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को फिलहाल प्रस्तावित बदलावों के आधार पर अपनी तैयारी की रणनीति नहीं बदलनी चाहिए। जब तक NTA की आधिकारिक सूचना नहीं आती, विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य विश्वविद्यालय और पाठ्यक्रम की मौजूदा पात्रता शर्तों को ध्यान में रखते हुए तैयारी जारी रखनी चाहिए।

खासकर DU और अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए संबंधित विश्वविद्यालय की विषय संयोजन और पात्रता शर्तों पर नजर रखना जरूरी है। क्योंकि CUET में विषयों की उपलब्धता एक जैसी होने के बावजूद हर विश्वविद्यालय और पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए जरूरी विषय अलग हो सकते हैं।

यदि NTA प्रस्तावित बदलावों को मंजूरी देता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा उन विद्यार्थियों को मिल सकता है जिन्हें अलग-अलग विषयों की परीक्षा के लिए कई दिनों तक परीक्षा केंद्र जाना पड़ता है। कम सवाल और सीमित समय की व्यवस्था लागू होने पर परीक्षा की तैयारी और समय प्रबंधन का तरीका भी बदल सकता है।

फिलहाल विद्यार्थियों को NTA की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए। अंतिम नियम जारी होने के बाद ही CUET UG 2027 का सही परीक्षा पैटर्न, विषय चयन, सवालों की संख्या, परीक्षा अवधि और परीक्षा केंद्र से जुड़ी व्यवस्था स्पष्ट होगी।

Raish Ahmed

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