CMR University की चांसलर और CMR Jnanadhara Trust की अध्यक्ष डॉ. सबिता राममूर्ति को उच्च शिक्षा और शैक्षणिक विकास के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए Visvesvaraya Technological University (VTU) ने मानद Doctor of Science (D.Sc.) की उपाधि से सम्मानित किया है।
यह सम्मान VTU के 26वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में प्रदान किया गया। समारोह बेलगावी स्थित विश्वविद्यालय के Jnana Sangama परिसर में आयोजित हुआ। डॉ. सबिता राममूर्ति के साथ दो अन्य प्रमुख शिक्षाविदों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को भी मानद D.Sc. की उपाधि दी गई। इनमें Rashtreeya Sikshana Samithi Trust के अध्यक्ष डॉ. एम.पी. श्याम और All India Council for Technical Education (AICTE) के पूर्व अध्यक्ष प्रो. टी.जी. सीताराम शामिल हैं। VTU के अनुसार, इन तीनों नामों का चयन विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के बाद किया गया था और विश्वविद्यालय के चांसलर एवं कर्नाटक के राज्यपाल की मंजूरी के बाद सम्मान प्रदान किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का सफर
डॉ. सबिता राममूर्ति का शिक्षा के क्षेत्र में काम तीन दशक से अधिक समय से जारी है। CMR समूह के अनुसार, उन्होंने 1991 में एक स्कूल की शुरुआत के साथ अपनी उद्यमशीलता की यात्रा शुरू की थी। शुरुआती दौर में केवल छह बच्चे इस स्कूल से जुड़े थे। आगे चलकर यह पहल एक बड़े शैक्षणिक नेटवर्क में विकसित हुई, जो आज 60 से अधिक देशों के 20,000 से ज्यादा विद्यार्थियों तक पहुंच रखता है।
डॉ. राममूर्ति CMR समूह के तहत कई शैक्षणिक संस्थानों के विकास से जुड़ी रही हैं। इनमें CMR National Public School, CMR Institute of Technology और CMR University प्रमुख हैं। वह Ekya Schools की संस्थापक अध्यक्ष भी हैं।
CMR University की स्थापना 2013 में CMR University Act के तहत हुई थी। विश्वविद्यालय में आर्किटेक्चर, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, कानून, डिजाइन, लिबरल स्टडीज, विज्ञान और कंप्यूटर अध्ययन सहित कई क्षेत्रों में कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। विश्वविद्यालय का शैक्षणिक मॉडल विभिन्न विषयों के बीच सीखने, रचनात्मकता, नवाचार और शोध को बढ़ावा देने पर जोर देता है।
सम्मान को CMR समुदाय की उपलब्धि बताया
मानद उपाधि प्राप्त करने के बाद डॉ. सबिता राममूर्ति ने CMR की विकास यात्रा में योगदान देने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रयासों को याद किया। शिक्षा को लेकर अपने दृष्टिकोण को उन्होंने संस्थान के विकास के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों के विकास से जोड़ते हुए कहा, “अगर वे आगे बढ़ते हैं, तो हम भी आगे बढ़ते हैं।”
VTU की ओर से दिया गया यह सम्मान उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और संस्थान निर्माण के क्षेत्र में डॉ. राममूर्ति के योगदान की पहचान के रूप में देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय ने मानद उपाधि के लिए उनके लंबे शैक्षणिक और संस्थागत योगदान को आधार बनाया है।
CMR University के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि
डॉ. सबिता राममूर्ति को मिला यह सम्मान उनके लंबे शैक्षणिक करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। CMR University उन्हें शिक्षाविद, उद्यमी और संस्थान निर्माता के रूप में प्रस्तुत करता है, जिन्होंने विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के नए अवसर तैयार करने और संस्थानों को मजबूत बनाने पर लगातार काम किया है।
CMR University के लिए यह सम्मान केवल उसकी चांसलर की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की भी पहचान है। विश्वविद्यालय के अनुसार, संस्थान की विकास यात्रा में इन सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
डॉ. सबिता राममूर्ति CMR University की चांसलर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाती रहेंगी। मानद डॉक्टरेट स्वीकार करते समय उनका कहा वाक्य—“अगर वे आगे बढ़ते हैं, तो हम भी आगे बढ़ते हैं”—शिक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण को संक्षेप में सामने रखता है।




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