गुजरात सरकार ने विदेश से MBBS की पढ़ाई पूरी करने वाले मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सरकारी और गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसाइटी (GMERS) मेडिकल कॉलेजों में अनिवार्य इंटर्नशिप कर रहे विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMGs) को हर महीने ₹21,840 स्टाइपेंड देने का निर्णय लिया है। इससे इन छात्रों को राज्य के अन्य मेडिकल इंटर्न के बराबर स्टाइपेंड मिलेगा।
विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को मिलेगा ₹21,840 स्टाइपेंड
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री पंशेरिया ने सोमवार को इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विदेश से MBBS की पढ़ाई पूरी करने वाले और वर्तमान में गुजरात के सरकारी तथा GMERS मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे मेडिकल ग्रेजुएट्स को हर महीने ₹21,840 का स्टाइपेंड दिया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से करीब 350 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को फायदा मिलने की उम्मीद है। इन छात्रों को 1 जून से 1 अक्टूबर 2026 के बीच गुजरात में इंटर्नशिप के लिए पोस्टिंग दी गई थी।
यह फैसला लंबे समय से चली आ रही उस असमानता को दूर करेगा, जिसमें विदेश से मेडिकल शिक्षा पूरी करने वाले छात्रों और गुजरात के मेडिकल कॉलेजों से पढ़ाई पूरी करने वाले इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में अंतर था।
विदेश से MBBS करने वालों के लिए अनिवार्य है इंटर्नशिप
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के नियमों के तहत विदेश से MBBS की डिग्री पूरी करने वाले छात्रों को भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने की प्रक्रिया के तहत एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप करनी होती है।
गुजरात सरकार अब सरकारी और GMERS मेडिकल कॉलेजों में इस अनिवार्य इंटर्नशिप को पूरा करने वाले पात्र विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को ₹21,840 मासिक स्टाइपेंड देगी।
अन्य मेडिकल इंटर्न के बराबर होगा स्टाइपेंड
स्वास्थ्य मंत्री पंशेरिया के मुताबिक, ₹21,840 का मासिक भुगतान मिलने के बाद विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के इंटर्नशिप स्टाइपेंड में राज्य के अन्य इंटर्न डॉक्टरों के साथ समानता आ जाएगी।
यह फैसला गांधीनगर स्थित राज्य प्रशासनिक भवन सुवर्ण संकुल-2 में हुई बैठक के दौरान लिया गया। बैठक में मंत्री ने इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फैसले की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि विदेश से MBBS की पढ़ाई पूरी कर गुजरात के सरकारी और GMERS मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टरों को अब अन्य इंटर्न डॉक्टरों के समान मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा।
मेडिकल छात्रों के संगठन ने किया फैसले का स्वागत
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने गुजरात सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। संगठन ने इसे विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स की ओर से लंबे समय से की जा रही मांग और लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम बताया।
संगठन के अनुसार, इंटर्नशिप स्टाइपेंड में समानता की मांग को लेकर FMG छात्रों ने एकजुट होकर लगातार अपनी बात रखी। सरकार के इस फैसले से करीब 350 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को आर्थिक मदद मिलेगी और उन्हें भारत में अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करने के दौरान अन्य मेडिकल इंटर्न के बराबर स्टाइपेंड मिल सकेगा।




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