IIT में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए JEE Advanced के प्रयासों की संख्या एक बार फिर चर्चा में है। मौजूदा नियमों के तहत योग्य उम्मीदवार लगातार दो वर्षों में अधिकतम दो बार JEE Advanced की परीक्षा दे सकते हैं। अब इस नियम की समीक्षा करने और उम्मीदवारों को तीसरा मौका देने की मांग उठाई जा रही है।
इस मांग से जुड़े 12,000 से अधिक उम्मीदवारों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, IIT काउंसिल और जॉइंट एडमिशन बोर्ड (JAB) से मौजूदा पात्रता नियमों पर दोबारा विचार करने की अपील की है। उम्मीदवारों का कहना है कि मेडिकल इमरजेंसी, पारिवारिक परिस्थितियों और परीक्षा के दबाव जैसी वजहों से कई बार तैयारी प्रभावित होती है। ऐसे में परीक्षा में शामिल होने के लिए अतिरिक्त मौका मिलना चाहिए।
उम्मीदवारों ने दो विकल्प सुझाए हैं। पहला, JEE Advanced में बैठने के लिए अधिकतम तीन मौके दिए जाएं। दूसरा, तीन साल की अवधि में दो बार परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। हालांकि, इस मांग को स्वीकार किए जाने या नियमों में बदलाव की आधिकारिक घोषणा को अलग से सत्यापित करना जरूरी है।
JEE Advanced में कितने मौके मिलते हैं? जानें मौजूदा नियम
IIT में दाखिले के लिए JEE Advanced परीक्षा पास करना जरूरी है। इसमें सीधे सभी छात्र शामिल नहीं हो सकते। पहले उन्हें JEE Main की BE/BTech परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के शीर्ष 2.5 लाख में जगह बनानी होती है। आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित हिस्सेदारी के अनुसार उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।
JEE Advanced 2026 के आधिकारिक नियमों के अनुसार, कोई उम्मीदवार अधिकतम दो बार और लगातार दो वर्षों में ही यह परीक्षा दे सकता है। इसके लिए उसे 12वीं की परीक्षा पहली बार देने वाले वर्ष और उसके अगले वर्ष की पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं। उम्र, पहले IIT में दाखिला लेने और अन्य निर्धारित शर्तों का पालन करना भी जरूरी है।
इसके मुकाबले JEE Main में उम्मीदवारों को 12वीं की परीक्षा वाले वर्ष से शुरू होने वाली तीन लगातार वर्षों की अवधि में अधिकतम छह अवसर मिल सकते हैं। इसी अंतर को आधार बनाकर उम्मीदवार JEE Advanced के नियमों में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
मेडिकल इमरजेंसी, परीक्षा का तनाव और कोचिंग में अंतर का हवाला
उम्मीदवारों का कहना है कि JEE Advanced एक अहम परीक्षा है, जिसमें प्रदर्शन पर कई परिस्थितियों का असर पड़ सकता है। बीमारी, परिवार में किसी आपात स्थिति, परीक्षा के तनाव या तैयारी के लिए पर्याप्त मार्गदर्शन न मिलने से किसी छात्र का परिणाम प्रभावित हो सकता है।
याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि सभी छात्रों को कोचिंग और पढ़ाई के समान अवसर नहीं मिलते। कुछ छात्रों को 12वीं के बाद ही गंभीरता से तैयारी शुरू करने का अवसर मिलता है। ऐसे में एक अतिरिक्त प्रयास उन्हें अपनी तैयारी सुधारने और अपनी क्षमता दिखाने का मौका दे सकता है। ये उम्मीदवारों के तर्क हैं; इनसे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि अतिरिक्त प्रयास से हर छात्र की सफलता की संभावना बढ़ जाएगी।
IIT काउंसिल में नियमों पर चर्चा शुरू होने की खबर
इस मामले में 14 अक्टूबर 2026 को ईटी एजुकेशन की एक रिपोर्ट में बताया गया कि IIT काउंसिल के भीतर JEE Advanced में प्रयासों की संख्या से जुड़े नियमों पर चर्चा शुरू हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह चिंता भी जताई कि अतिरिक्त प्रयास से छात्रों को तैयारी पर अधिक समय और पैसा खर्च करना पड़ सकता है, जबकि इससे परीक्षा में सफल होने वालों की संख्या बढ़ना जरूरी नहीं है।
यह चर्चा नियमों में बदलाव की आधिकारिक मंजूरी के समान नहीं है। फिलहाल उम्मीदवारों की मांग और नियमों की समीक्षा से जुड़ी खबरों के बीच छात्रों को JEE Advanced की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी पात्रता शर्तों को ही आधार मानना चाहिए।
क्या JEE Advanced में तीसरा मौका मिलेगा?
फिलहाल उम्मीदवारों की मांग के दो प्रमुख विकल्प हैं—तीन प्रयासों की अनुमति या तीन साल की अवधि में दो प्रयास करने की छूट। यदि इनमें से किसी प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो IIT में दाखिले की तैयारी करने वाले छात्रों की परीक्षा संबंधी योजना पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, जब तक संबंधित अधिकारियों की ओर से संशोधित नियमों की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक यह मानना सही नहीं होगा कि तीसरा मौका मिलना तय है। उम्मीदवारों को JEE Advanced की वेबसाइट पर जारी होने वाले नए नोटिस और सूचना पुस्तिका पर नजर रखनी चाहिए।




Add comment