
भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में नए युग की शुरुआत हो गई है। दरअसल पहली बार दो निजी स्टार्टअप कंपनियों ने अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक अपने उपग्रह लॉन्च किए हैं। ये उपग्रह दो भारतीय स्टार्टअप कंपनियों पिक्सल और दिगांतरा ने लॉन्च किए हैं, जो पृथ्वी और अंतरिक्ष पिंडों की निगरानी करेंगे।
पृथ्वी की परिक्रमा करने वाली पांच सेमी जितनी छोटी वस्तुओं की निगरानी के लिए बेंगलुरु की स्टार्टअप कंपनी दिगंतारा ने दुनिया की पहली कॉमर्शियल सैटेलाइट लॉन्च की है। दिगंतरा का स्पेस कैमरा फार आब्जेक्ट ट्रैकिंग (एससीओटी) पांच सेमी जितनी छोटी वस्तुओं को ट्रैक करने में सक्षम होगा।
दिगंतरा का स्पेस कैमरा फार आब्जेक्ट ट्रैकिंग (एससीओटी) सैटेलाइट कैलिफोर्निया से मंगलवार मध्यरात्रि स्पेसएक्स के ‘ट्रांसपोर्टर-12 मिशन’ के जरिये लांच हुआ। दिगंतारा एयरोस्पेस के संस्थापक अनिरुद्ध शर्मा ने कहा कि एससीओटी एससीओटी के जरिये हम निगरानी के क्षेत्र में श्रेष्ठता हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष सुरक्षा मजबूत करना है। एससीओटी मौजूदा सेंसर की तुलना में अधिक दक्षता के साथ लो अर्थ आर्बिट (एलईओ) में वस्तुओं को ट्रैक कर सकेगा।
एक ही लॉन्च वाहन को शेयर करते हुए, पिक्सल अपने महत्वाकांक्षी फायरफ्लाई तारामंडल के पहले तीन उपग्रहों को तैनात करेगा। ये हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग उपग्रह, वर्तमान 30-मीटर इंडस्ट्री के स्टैंडर्ड की तुलना में छह गुना ज्यादा तीक्ष्ण रिज़ॉल्यूशन का दावा करते हैं, जो पृथ्वी अवलोकन क्षमताओं में एक नया मानक स्थापित करते हैं। सूर्य की समकालिक कक्षा से 500 किलोमीटर दूर से संचालित, फायरफ्लाई तारामंडल, दुनिया की सबसे एडवांस वाणिज्यिक हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग प्रणाली का प्रतिनिधित्व करता है।
पिक्सल के मुताबिक, फायरफ्लाई सैटेलाइट, पर्यावरण निगरानी से लेकर संसाधन प्रबंधन तक, कई मामलों में अभूतपूर्व जानकारी प्रदान करेंगे। उनकी बढ़ी हुई वर्णक्रमीय क्षमताएं (spectral capabilities) वनस्पति, जल निकायों और खनिजों में जमा सूक्ष्म परिवर्तनों का पता लगाने में सक्षम बनाती हैं, जो कृषि से लेकर खनन तक के उद्योगों के लिए मूल्यवान डेटा प्रदान करती हैं।




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