
बोर्ड परीक्षाओं का समय करीब आ चुका है और छात्र इस वक्त मानसिक रूप से तैयार होने की कोशिश कर रहे हैं। जहां कई राज्यों में बोर्ड परीक्षाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं, वहीं सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 15 फरवरी से 4 अप्रैल 2025 तक आयोजित होगी। इस साल करीब 44 लाख छात्र 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में बैठेंगे। इन परीक्षाओं की तैयारी करते हुए छात्रों को एक और चिंता रहती है कि 12वीं के बाद उनका अगला कदम क्या होगा, और वे किस तरह से अच्छे कॉलेज में दाखिला ले सकते हैं।
हर साल 12वीं के बाद लाखों छात्र अपनी आगे की पढ़ाई के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल या अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिला लेने का प्रयास करते हैं। लेकिन कई बार यह सवाल उठता है कि इसके लिए कितने अंक चाहिए, क्या कोई प्रवेश परीक्षा देनी होगी, और अगर हां, तो उन परीक्षाओं में किस तरह का प्रदर्शन चाहिए?
भारत में 12वीं के बाद कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए विभिन्न प्रवेश परीक्षाएं आयोजित होती हैं, जिनमें जेईई मेन, एनईईटी, सीयूईटी और निफ्ट जैसी प्रमुख परीक्षाएं शामिल हैं। इन परीक्षाओं की प्रकृति इतनी प्रतिस्पर्धी होती है कि छात्रों को 12वीं बोर्ड में भी कुछ न्यूनतम अंक लाने की जरूरत होती है। अब सवाल यह है कि, कितने अंक जरूरी हैं और कौन सी परीक्षा पास करनी होगी?
अगर आप केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि वहां के प्रवेश के लिए सीयूईटी (Central University Entrance Test) परीक्षा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में बैठने के लिए 12वीं बोर्ड में कम से कम 50% अंक लाने होंगे। एससी और एसटी छात्रों के लिए यह न्यूनतम अंक 45% हैं। इसके बाद, आप सीयूईटी परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, जो अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट दोनों स्तरों के लिए होती है। इस परीक्षा में छात्र अधिकतम 5 विषयों का चयन कर सकते हैं और इस आधार पर उन्हें केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलता है।
फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए निफ्ट (NIFT) परीक्षा अहम है। इस परीक्षा में बैठने के लिए 12वीं में अंक प्राप्त करने की कोई बाध्यता नहीं है, बस उम्मीदवार को 12वीं पास होना चाहिए। चयन निफ्ट प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा, और यहां सिर्फ परीक्षा की तैयारी ही महत्वपूर्ण होती है।
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए जेईई मेन (JEE Main) परीक्षा एक प्रमुख माध्यम है। इस परीक्षा का दूसरा सत्र 1 से 8 अप्रैल 2025 के बीच होगा। हालांकि इस परीक्षा में 12वीं बोर्ड के अंकों की कोई अनिवार्यता नहीं है, लेकिन अगर आप जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) में बैठने का इरादा रखते हैं, तो आपको फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित में 12वीं में कम से कम 75% अंक (SC/ST छात्रों के लिए 65%) होने चाहिए।
अगर आपका उद्देश्य मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना है, तो इसके लिए एनईईटी (NEET UG) परीक्षा आयोजित की जाती है, जो 7 मई 2025 को होगी। इसमें बैठने के लिए छात्र को 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, जीवविज्ञान और अंग्रेजी विषयों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए। सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 50% अंक (PCB विषयों में कुल मिलाकर) अनिवार्य हैं, जबकि OBC/SC/ST/PWD वर्ग के छात्रों को कम से कम 40% अंक प्राप्त करने होंगे।
कुल मिलाकर, 12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद छात्रों को विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के लिए अलग-अलग पात्रता मानदंड के बारे में जानना जरूरी है। कुछ परीक्षाओं में केवल 12वीं पास होना पर्याप्त है, जबकि इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसी कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं में अंक की शर्तें लागू होती हैं। इसलिए, यह जरूरी है कि छात्र अपनी बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करें, ताकि उनके पास कई विकल्प हों और वे अपनी पसंद के कोर्स में प्रवेश पा सकें।




Add comment