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भारत GenAI अपनाने में सबसे आगे, लेकिन महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी भी काफी कम

भारत जनरेटिव AI (GenAI) को अपनाने में वैश्विक नेता के रूप में उभरा है, जिसने 2024 में 1.3 मिलियन AI नामांकन दर्ज किए हैं, जो किसी भी देश से सबसे अधिक है। हालांकि, कोर्सेरा (एक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म) की एक नई रिपोर्ट ‘क्लोजिंग द जेंडर गैप इन जेनएआई स्किल्स’ प्लेबुक में यह बताया गया है कि इस तेजी से बढ़ते क्षेत्र में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी भी काफी कम है। भारत महिला शिक्षार्थियों के बीच GenAI नामांकन में वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है, लेकिन यहां महिलाएं कुल GenAI नामांकनों का केवल 29.6% हिस्सा हैं, जबकि प्लेटफ़ॉर्म पर सभी शिक्षार्थियों में महिलाएं 40% हैं। वैश्विक स्तर पर, महिलाओं की हिस्सेदारी 32% है।

कोर्सेरा की रिपोर्ट इस असमानता को दूर करने और AI के विकास में अधिक महिलाओं को भागीदार बनाने के लिए रणनीतियों की खोज करती है। इसमें AI के अवसरों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने और इस क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

महिलाओं में AI के प्रति रुचि बढ़ रही है, लेकिन चुनौतियां बनी हुई हैं
भारत में AI कौशल के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। 2024 में, कोर्सेरा ने भारत में GenAI नामांकन में चार गुना वृद्धि दर्ज की, जिसमें महिला शिक्षार्थियों ने उल्लेखनीय 296% की वृद्धि दिखाई, जो पुरुषों के मुकाबले 191% अधिक है। हालांकि, आत्मविश्वास की कमी, समय की कमी, प्रासंगिकता की कमी और महिला रोल मॉडल की अनुपस्थिति जैसी बाधाएं AI शिक्षा और करियर में उनकी पूरी भागीदारी में आड़े आती हैं।

कोर्सेरा की प्लेबुक से मुख्य निष्कर्ष
आत्मविश्वास की कमी प्रगति को सीमित करती है: कोर्सेरा पर महिला शिक्षार्थी शुरुआती स्तर के GenAI पाठ्यक्रमों में छह गुना अधिक नामांकित होती हैं, जो आत्म-संदेह के कारण संरचित पाठ्यक्रमों की बजाय प्राथमिकता देती हैं।

समय और स्पष्ट दिशा-निर्देशों की कमी: जबकि 90% भारतीय महिलाएं GenAI को करियर विकास के लिए महत्वपूर्ण मानती हैं, केवल 35% ही इसे सीखने के लिए तैयार महसूस करती हैं। 95% जूनियर, 96% मिड-मैनेजमेंट और 100% सीनियर महिलाएं AI में अधिक समय लगाने के लिए तैयार हैं, यदि उन्हें नियोक्ता द्वारा लचीले अपस्किलिंग विकल्प और समर्थन मिलता है।

व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बारे में अनिश्चितता: जब GenAI को स्वास्थ्य, शिक्षा और रचनात्मक उद्योगों जैसे क्षेत्रों में वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों से जोड़ा जाता है, तो महिलाएं अधिक जुड़ाव महसूस करती हैं। AI मेंटरशिप और केस-स्टडी-आधारित शिक्षण विधियां इसे बढ़ावा दे सकती हैं।

AI में महिला रोल मॉडल की कमी: शोध में यह पाया गया कि STEM पाठ्यक्रमों में यदि एक महिला प्रशिक्षक हो, तो महिला नामांकन 7% अधिक होता है। AI में महिला शिक्षकों और सलाहकारों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने से परिणामों में सुधार हो सकता है।

कोर्सेरा में एंटरप्राइज़ की वैश्विक प्रमुख, कैरिन एलौचे ने इस अंतर को पाटने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “भारत ने GenAI तकनीक को समझने और अपनाने में अद्वितीय इच्छाशक्ति दिखाई है, लेकिन यह देश के कार्यबल विकास और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए महत्वपूर्ण है कि इस इच्छाशक्ति को समान रूप से साझा किया जाए। अधिक महिलाओं को सशक्त बनाकर हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि AI का विकास दुनिया के लिए विविध आवाज़ों द्वारा किया जाए।”

 

 

Asmita Sarkar

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