
कर्नाटक स्टेट फार्मेसी काउंसिल (KSPC) ने एक अभिनव प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से फार्मेसी के छात्र अब बिना किसी फैक्ट्री में कदम रखे ही दवा निर्माण की व्यावहारिक ट्रेनिंग प्राप्त कर सकेंगे। यह कार्यक्रम वर्चुअल रियलिटी (VR) और एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) तकनीकों का उपयोग कर फार्मास्युटिकल प्रोडक्शन को पूरी तरह से वर्चुअल वातावरण में अनुभव कराता है।
KSPC अधिकारियों के अनुसार, यह देश में पहली बार है जब किसी राज्य की फार्मेसी काउंसिल ने इस तरह का कार्यक्रम शुरू किया है।
यह प्रशिक्षण फिलहाल विजयनगर के अत्तिगुप्पे स्थित KSPC स्किल डेवलपमेंट सेंटर में शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को दवा निर्माण की मुख्य प्रक्रियाओं जैसे कि ड्रग फॉर्मूलेशन, पैकेजिंग, क्वालिटी कंट्रोल, और गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP) के अनुपालन का अनुभव 2D और 3D सिमुलेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से देना है।
इस कार्यक्रम की पहली बैच में गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ फार्मेसी के 30 छात्र शामिल हैं, और परिषद की योजना है कि इस कार्यक्रम को आगे पूरे राज्य में विस्तार दिया जाए।
पारंपरिक प्रयोगशाला-आधारित प्रशिक्षण की तुलना में, जो अक्सर सीमित उपकरणों और कक्षा में प्रदर्शनों तक सीमित होता है, यह VR आधारित मॉडल भौतिक सीमाओं को समाप्त करता है। यह प्रशिक्षण को सभी संस्थानों के छात्रों के लिए पुनरावृत्ति योग्य और स्केलेबल बनाता है। छात्र इस प्लेटफॉर्म पर बिना किसी जोखिम के गलतियाँ कर सकते हैं, प्रक्रियाओं को बार-बार दोहरा सकते हैं, और उन औद्योगिक सेटअप का अनुभव ले सकते हैं जो आमतौर पर कॉलेजों में उपलब्ध नहीं होते।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश फार्मेसी स्नातकों को अब तक सुरक्षा और पहुंच संबंधी सीमाओं के कारण निर्माण इकाइयों का प्रत्यक्ष अनुभव नहीं मिल पाता था। यह नया कार्यक्रम इस खाई को भरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




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