Edinbox Hindi

सतत कृषि के साथ टिकाऊ करियर का भी भविष्य बना रहा है एग्रोफॉरेस्ट्री

एग्रोफॉरेस्ट्री (Agroforestry) भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में एक उभरती हुई भूमि प्रबंधन प्रणाली बनती जा रही है। 21वीं सदी में यह एक आकर्षक और समृद्ध क्षेत्र है, जो न केवल पर्यावरण की रक्षा करता है, बल्कि ग्रामीण आजीविका को भी सशक्त बनाता है।

एग्रोफॉरेस्ट्री क्या है?
एग्रोफॉरेस्ट्री वह प्रणाली है जिसमें एक ही भूमि पर पेड़ों, फसलों और पशुओं का एकीकृत उत्पादन किया जाता है। इसका उद्देश्य है लंबे समय तक टिकाऊ, लाभदायक और संरक्षण आधारित खेती को बढ़ावा देना। पारंपरिक खेती से अलग, एग्रोफॉरेस्ट्री जैव विविधता को बढ़ावा देती है, जिससे उत्पादकता, आय और स्थायित्व तीनों में सुधार होता है।

यह प्रणाली जलवायु परिवर्तन से लड़ने, भूमि पुनर्स्थापन में सहायता करने और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समाधान के रूप में उभर रही है।

एग्रोफॉरेस्ट्री की प्रमुख विशेषताएँ:
– कृषि और वानिकी का एकीकरण, जिससे दोनों को लाभ होता है
– मिट्टी की नमी और उर्वरता में सुधार
– कटाव को कम करना और जैव विविधता को बढ़ाना
– कार्बन अवशोषण के ज़रिए जलवायु परिवर्तन का प्रभाव कम करना

एग्रोफॉरेस्ट्री क्यों ज़रूरी है?
जलवायु परिवर्तन में कमी: पेड़ CO₂ को अवशोषित करते हैं, जिससे यह एक प्राकृतिक जलवायु समाधान बनता है।
किसानों की आय में सुधार: लकड़ी, फल और औषधीय पौधों जैसे विविध उत्पादों से अतिरिक्त आय होती है।
जैव विविधता संरक्षण: यह वन्य जीवों के लिए आवास तैयार करता है और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखता है।
मिट्टी और जल की गुणवत्ता में सुधार: मिट्टी का कटाव घटता है, जल धारण क्षमता बढ़ती है और पोषक तत्व पुनः उपयोग होते हैं।
खाद्य सुरक्षा: जलवायु संबंधी झटकों से लड़ने की क्षमता के साथ, यह खाद्य उत्पादन को टिकाऊ बनाता है।

लोकप्रिय पाठ्यक्रम
– बी.एससी / बी.टेक इन एग्रोफॉरेस्ट्री
– एम.एससी में एग्रोफॉरेस्ट्री
– डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्रोग्राम
– लघुकालिक ऑनलाइन कोर्स (सिद्धांत, प्रणाली, प्रबंधन आदि)

भारत के प्रमुख एग्रोफॉरेस्ट्री संस्थान
– गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
– बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU)
– मिज़ोरम विश्वविद्यालय
– सैम हिगिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी और विज्ञान विश्वविद्यालय (SHUATS)
– डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय

प्रवेश पात्रता
स्नातक: 10+2 (विज्ञान संकाय प्राथमिकता)
परास्नातक: कृषि, वानिकी या संबंधित विषयों में स्नातक

शीर्ष विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए AIACAT जैसे प्रवेश परीक्षाएँ आवश्यक हो सकती हैं।

पाठ्यक्रम में आप क्या सीखेंगे?
– एग्रोफॉरेस्ट्री प्रणालियाँ और डिज़ाइन
– पेड़-फसल-पशु के अंतःक्रिया
– मिट्टी और जल प्रबंधन
– जलवायु अनुकूल कृषि
– ग्रामीण विकास और परियोजना नियोजन

एग्रोफॉरेस्ट्री में करियर के अवसर
सरकारी और निजी क्षेत्रों में विभिन्न भूमिकाएँ उपलब्ध हैं:
– अनुसंधान वैज्ञानिक (ICAR, ICFRE, CIFOR-ICRAF)
– फील्ड ऑफिसर / सलाहकार (NGO, सरकारी परियोजनाएँ)
– एग्रोफॉरेस्ट्री प्रोजेक्ट मैनेजर
– एक्सटेंशन स्पेशलिस्ट
– पर्यावरण सलाहकार
– टिकाऊ कृषि सलाहकार
– उद्यमी (नर्सरी, जैविक उत्पाद)
– शिक्षक एवं अकादमिक क्षेत्र

हाल की पहल और सरकारी योजनाएँ
राष्ट्रीय एग्रोफॉरेस्ट्री नीति (2014): भारत ऐसा करने वाला पहला देश बना, जिसका उद्देश्य पेड़ आधारित खेती को बढ़ावा देना है।
एग्रोफॉरेस्ट्री उप-मिशन: किसानों को पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कृषि मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया।
राज्य स्तरीय पहलें: ओडिशा और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने निवेश और प्रचार हेतु विशेष नीतियाँ बनाईं।
कौशल विकास: ऑन-ग्राउंड प्रशिक्षण और ऑनलाइन कार्यशालाओं के ज़रिए छात्रों और पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

छात्रों और इच्छुक उम्मीदवारों के लिए उपयोगी जानकारी
एग्रोफॉरेस्ट्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पारंपरिक ज्ञान का संतुलन है। यह उन छात्रों के लिए आदर्श है जो प्रकृति और नवाचार के प्रति जुनूनी हैं। जलवायु परिवर्तन और स्थायित्व के महत्व के बढ़ने के साथ, एग्रोफॉरेस्ट्री में विशेषज्ञों की मांग भी तेज़ी से बढ़ रही है। भूमि प्रबंधन, पर्यावरण मूल्यांकन और ग्रामीण विकास में प्राप्त व्यावहारिक कौशल छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर प्रदान करते हैं।

एग्रोफॉरेस्ट्री भारत और विश्व में टिकाऊ कृषि का भविष्य बना रहा है। यह छात्रों और कैरियर चाहने वालों के लिए एक सार्थक, सुरक्षित और लाभदायक क्षेत्र है जो न केवल जीवन बदल सकता है, बल्कि पर्यावरण को भी बेहतर बना सकता है। चाहे आपकी रुचि अनुसंधान में हो, नीति निर्माण में, उद्यमिता में या फ़ील्ड वर्क में — एग्रोफॉरेस्ट्री शिक्षा आपको एक हरित और लचीले भविष्य के लिए तैयार करती है।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed