
पंजाबी फिल्म जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर अभिनेता और हास्य कलाकार जसविंदर भल्ला का 65 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने आज सुबह मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री और लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर है। अपने लंबे करियर में भल्ला ने अपनी बेमिसाल कॉमिक टाइमिंग और अनोखे अंदाज से दर्शकों को खूब हंसाया और मनोरंजन किया।
हिट फिल्मों और अविस्मरणीय किरदारों से बनाया खास स्थान
जसविंदर भल्ला सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि पंजाबी सिनेमा में कॉमेडी की पहचान थे। उनकी हास्य शैली और व्यंग्यपूर्ण संवाद हर पीढ़ी के दर्शकों को भाते थे। उनकी मौजूदगी मात्र से थिएटर में ठहाके गूंज उठते थे। उन्होंने गड्डी चलती है छलांगा मार के, कैरी ऑन जट्टा, जिंद जान, बैंड बाजे जैसी कई लोकप्रिय फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनके किरदार न सिर्फ हंसाते थे, बल्कि समाज पर हल्के-फुल्के कटाक्ष भी करते थे।
23 अगस्त को होगा अंतिम संस्कार
भल्ला के निधन से पूरा पंजाबी मनोरंजन जगत शोकाकुल है। उनकी सादगी, सहजता और साफ-सुथरे हास्य ने यह साबित किया कि कॉमेडी का असली स्वाद शब्दों और टाइमिंग में है, न कि वल्गर संवादों में। उनके अंतिम संस्कार का आयोजन 23 अगस्त को दोपहर 12 बजे मोहाली के बलोंगी श्मशान घाट पर होगा। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसकों और फिल्म जगत के लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
प्रोफेसर और विद्वान भी थे भल्ला
अभिनय के अलावा जसविंदर भल्ला शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय रहे। लोकप्रिय कॉमेडी शो छनकटा में चाचा चतुर सिंह और भाना जैसे किरदारों से घर-घर मशहूर होने वाले भल्ला असल जीवन में लुधियाना के पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में प्रोफेसर थे। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से कृषि विज्ञान में पीएचडी की थी। अभिनय और शिक्षा दोनों में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
उनका जाना पंजाबी सिनेमा और हास्य की दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है।




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