
उत्तर प्रदेश फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और ओडिशा के सेंचुरियन विश्वविद्यालय ने पुलिस के साक्ष्य संग्रहण कौशल को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समारोह पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
फोरेंसिक ढांचे को मजबूती देगा समझौता
नए आपराधिक कानूनों के तहत, गंभीर अपराध स्थल पर फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है ताकि वैज्ञानिक और सटीक साक्ष्यों का संकलन सुनिश्चित किया जा सके। राजीव कृष्ण ने कहा कि यह समझौता न केवल शैक्षणिक अनुसंधान को मजबूत करेगा, बल्कि राज्य के फोरेंसिक ढांचे को नई वैज्ञानिक मजबूती भी प्रदान करेगा।
प्रशिक्षण और शोध में सहयोग
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं) नवीन अरोड़ा ने बताया कि यह समझौता संयुक्त शिक्षण, प्रशिक्षण, अनुसंधान, शोध सामग्री और प्रकाशनों के आदान-प्रदान, उन्नत प्रयोगशाला सुविधाओं, वैज्ञानिक उपकरणों और सॉफ्टवेयर तक पहुंच, तथा शोधकर्ताओं के लिए सहयोगात्मक मार्गदर्शन के अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छात्रों को फोरेंसिक विज्ञान में बढ़त दिलाएगी, जिससे कानून प्रवर्तन और न्याय प्रणाली दोनों मजबूत होंगी।
छात्रों और पुलिसिंग दोनों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में फोरेंसिक-आधारित पुलिसिंग में सहायता के लिए 75 अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन का शुभारंभ किया है, जो डीएनए सैंपलिंग, फिंगरप्रिंट विश्लेषण और विष विज्ञान परीक्षण से लैस हैं।
सेंचुरियन विश्वविद्यालय, जिसे कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता मिली है, इस साझेदारी के माध्यम से छात्रों को फोरेंसिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास में सार्थक योगदान करने का अवसर देगा, जैसा कि इसके अध्यक्ष प्रोफेसर मुक्ति कांत मिश्रा ने बताया।




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