
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में अब तक अमेरिका और चीन का दबदबा रहा है। दोनों देशों की दिग्गज कंपनियों ने अपने कई मॉडल मुफ्त में उपलब्ध कराए, जिससे उन्होंने वैश्विक स्तर पर पकड़ मजबूत कर ली। अब इस रणनीति को अन्य देश भी अपनाने लगे हैं। इसी क्रम में एक मुस्लिम देश—संयुक्त अरब अमीरात (UAE)—ने बड़ा कदम उठाया है।
UAE का ओपन सोर्स AI मॉडल
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, UAE की नई रिसर्च लैब ने मंगलवार को घोषणा की कि वह अपना AI मॉडल ‘K2 थिंक’ मुफ्त में उपलब्ध कराएगी। यह मॉडल अबू धाबी स्थित मोहम्मद बिन जायद यूनिवर्सिटी ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की इंस्टीट्यूट ऑफ फाउंडेशन मॉडल्स लैब ने विकसित किया है।
क्या है ‘K2 थिंक’?
‘K2 थिंक’ को सामान्य चैटबॉट्स से अलग बताया जा रहा है। यह विशेष रूप से गणित, कंप्यूटर कोडिंग और वैज्ञानिक शोध जैसे क्षेत्रों में जटिल समस्याओं का समाधान करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे “रीजनिंग मॉडल” कहा जा रहा है, यानी ऐसा मॉडल जो सोच-समझकर तार्किक उत्तर देने में सक्षम हो।
डेवलपर्स का दावा है कि यह मॉडल अमेरिका की OpenAI और चीन की DeepSeek जैसी कंपनियों के खुले मॉडलों की बराबरी करता है। दिलचस्प बात यह है कि इसे बनाने में सिर्फ 2,000 कंप्यूटर चिप्स का उपयोग हुआ, जबकि अमेरिकी कंपनियाँ ऐसे मॉडल्स के लिए लाखों चिप्स लगाती हैं।
ओपन सोर्स मॉडल की दौड़
अमेरिका की OpenAI और गूगल पहले ही अपने कई AI मॉडल्स को ओपन सोर्स कर चुकी हैं। इसके बाद चीन ने भी पिछले एक साल में अपनी तकनीक मुफ्त में साझा की। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह के कदम नई तकनीकी ताकतों को बराबरी का अवसर देते हैं। अब UAE ने भी इसी रणनीति पर चलते हुए ओपन सोर्स मॉडल लॉन्च कर अमेरिका और चीन को चुनौती देने की तैयारी कर ली है।




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