
भारत में उच्च शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसी कारण आज बड़ी संख्या में छात्र विदेश जाकर पढ़ाई करना पसंद कर रहे हैं। इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के साथ-साथ अब मेडिकल फील्ड में भी भारतीय स्टूडेंट्स की दिलचस्पी बढ़ी है। खास बात यह है कि विदेश में मेडिकल कोर्सेज, खासकर BDS (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी), भारत की तुलना में अपेक्षाकृत किफायती दाम पर पूरे किए जा सकते हैं।
क्यों चुनें यूरोप?
यदि आप डेंटिस्ट बनने का सपना देख रहे हैं, तो यूरोप आपके लिए आदर्श गंतव्य साबित हो सकता है। यहां की यूनिवर्सिटीज़ में न केवल कम खर्च में उच्च-स्तरीय डेंटल शिक्षा मिलती है, बल्कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वहीं प्रैक्टिस करने पर आकर्षक सैलरी और करियर ग्रोथ के अवसर भी मिलते हैं। साथ ही, यूरोप के कई देशों में पढ़ाई पूरी करने के बाद स्थायी निवास (PR) का विकल्प भी मिलता है।
यूरोप की टॉप-10 डेंटल यूनिवर्सिटीज़ (QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग अनुसार)
1. एकेडमिक सेंटर फॉर डेंटिस्ट्री, एम्स्टर्डम (नीदरलैंड)
2. किंग्स कॉलेज लंदन (ब्रिटेन)
3. करोलिंस्का इंस्टीट्यूट (स्वीडन)
4. यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड)
5. यूनिवर्सिटी ऑफ बर्न (स्विट्जरलैंड)
6. यूनिवर्सिटी ऑफ गोथेनबर्ग (जर्मनी)
7. कम्प्लुटेंस यूनिवर्सिटी ऑफ मैड्रिड (स्पेन)
8. क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन (ब्रिटेन)
9. केयू ल्यूवेन (बेल्जियम)
10. यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम (ब्रिटेन)
एडमिशन और भाषा की शर्तें
यूरोप की यूनिवर्सिटीज़ में एडमिशन लेते समय स्थानीय नियमों और पात्रता शर्तों पर ध्यान देना ज़रूरी है। कई देशों में डेंटल कोर्स की पढ़ाई के दौरान स्थानीय भाषा का ज्ञान होना आवश्यक होता है। यदि आप उस भाषा में दक्ष हैं, तो पढ़ाई के साथ-साथ करियर में भी आपकी ग्रोथ की संभावना और अधिक बढ़ जाती है।




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