
हिमाचल प्रदेश स्थित जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (JUIT), वाकनाघाट में शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए एकदिवसीय मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 25 जुलाई 2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों (विशेष अनुमति याचिका संख्या 6378/2021) के अनुपालन में आयोजित किया गया।
न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे अपने कर्मचारियों को नियमित रूप से प्रशिक्षित करें ताकि वे छात्रों के मनोवैज्ञानिक संकट को पहचानकर समय रहते उसका समाधान कर सकें। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जेयूआईटी में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में एमएमयू, कुमारहट्टी (सोलन) की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट श्रद्धा पुरी मुख्य संसाधन व्यक्ति के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया और इसे लेकर शिक्षकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
विश्वविद्यालय की शीर्ष प्रशासनिक टीम की सक्रिय भागीदारी ने इस कार्यक्रम को विशेष बनाया। कार्यक्रम में प्रो. राजेंद्र कुमार शर्मा (कुलपति), प्रो. अशोक गुप्ता (डीन, अकादमिक), ब्रिगेडियर आर.के. शर्मा (सेवानिवृत्त, रजिस्ट्रार व डीन, छात्र कल्याण), प्रो. श्रुति जैन (एसोसिएट डीन, इनोवेशन), सभी विभागाध्यक्षों, शिक्षकों और स्टाफ ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन छात्र सेवा केंद्र के समन्वयक एवं निदेशक प्रो. अमित श्रीवास्तव और नोडल अधिकारी डॉ. रंजीथ कल्याणी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और छात्रों के मनोवैज्ञानिक कल्याण के लिए सहयोगात्मक माहौल बनाना था।




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