
]पांडिचेरी केंद्रीय विश्वविद्यालय (Pondicherry University) ने क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विश्वविद्यालय ने 48 एशियाई देशों के 1,526 शिक्षण संस्थानों में 470वां स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि 2025 की रैंकिंग के 501-520 बैंड से एक महत्वपूर्ण उछाल मानी जा रही है।
विश्वविद्यालय के उप-कुलसचिव के. महेश ने बताया कि यह रैंकिंग सुधार पांडिचेरी विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में लगातार हो रही प्रगति को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय का कुल स्कोर 2025 में 18.8 से बढ़कर 2026 में 30.7 तक पहुंचा है, जो कई प्रदर्शन संकेतकों में मजबूत सुधार का प्रमाण है।”
दक्षिण एशिया में भी बेहतर प्रदर्शन
दक्षिण एशियाई क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय ने अपनी स्थिति मजबूत की है। पिछले वर्ष 140वें स्थान पर रहने वाला पांडिचेरी विश्वविद्यालय अब 121वें स्थान पर पहुंच गया है। यह रैंकिंग सुधार विश्वविद्यालय की बढ़ती प्रतिष्ठा और शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त उपस्थिति को दर्शाता है।
शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में बढ़त
क्यूएस रैंकिंग के विभिन्न मापदंडों में भी विश्वविद्यालय का प्रदर्शन बेहतर रहा है। शोध के क्षेत्र में प्रति संकाय शोध-पत्र की संख्या 48.2 से बढ़कर 76.6 तक पहुंच गई है, जबकि प्रति शोध-पत्र उद्धरण (Citations per Paper) 16.9 से बढ़कर 19.4 हो गया है। यह आंकड़े विश्वविद्यालय की बढ़ती शोध गुणवत्ता और वैश्विक प्रभाव को दर्शाते हैं।
इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय संकाय अनुपात 4.6 से बढ़कर 5.1 और अंतरराष्ट्रीय छात्र अनुपात 2 से बढ़कर 4 हो गया है। यह विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति और विविधता को उजागर करता है।
क्यूएस रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क स्कोर में भी विश्वविद्यालय ने जबरदस्त सुधार दर्ज किया है — यह आंकड़ा 26.3 से बढ़कर 77.6 तक पहुंच गया है। यह बताता है कि पांडिचेरी विश्वविद्यालय अब वैश्विक शोध साझेदारी में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कुलपति ने दी बधाई
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी. प्रकाश बाबू ने इस उपलब्धि पर संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि, “यह उपलब्धि सभी के सामूहिक प्रयास और समर्पण का परिणाम है। पांडिचेरी विश्वविद्यालय शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छूने के लिए प्रतिबद्ध है।”
क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में पांडिचेरी विश्वविद्यालय की यह प्रगति न केवल उसके शैक्षणिक और शोध स्तर को दर्शाती है, बल्कि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली की बढ़ती वैश्विक पहचान का भी प्रतीक है। विश्वविद्यालय का ध्यान गुणवत्तापूर्ण शोध, वैश्विक सहयोग और नवाचार पर केंद्रित रहना आने वाले वर्षों में इसे और भी ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।




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