
सिल्वर ओक यूनिवर्सिटी के सिल्वर ओक इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (SOID) के छात्रों ने टिकाऊ फैशन, पर्यावरण–हितैषी डिजाइन और नई पीढ़ी की रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन करते हुए आविष्कार प्रोजेक्ट मेला में अपनी प्रभावशाली विजुअल मर्चेंडाइजिंग इंस्टॉलेशन प्रस्तुत की। उनका प्रोजेक्ट ‘Oceana: Threads of Hope’ दर्शकों के लिए खास आकर्षण बना रहा।
कलेक्शन के बारे में
यह मूल कलेक्शन, जिसकी कल्पना सुश्री साक्षी अग्रवाल ने अपने ब्रांड Desi Decode के तहत की है, समुद्री पौधों और जीवों की सुंदरता को समर्पित है। साथ ही, यह समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाता है।
कलेक्शन में कोरल रीफ्स, समुद्री लहरें, जल जीव और अंडरवाटर ईकोसिस्टम से प्रेरित डिजाइन शामिल हैं। इसमें पर्यावरण–हितैषी सामग्री, समुद्री रंग पैलेट और कोरल जैसी बनावट का उपयोग किया गया है, जो हस्तशिल्प तकनीकों और टिकाऊ डिजाइन सिद्धांतों का सुंदर मिश्रण है।
प्रकृति से प्रेरित, पर्यावरण–हितैषी कारीगरी
Oceana: Threads of Hope प्रकृति और मानव जीवन के सामंजस्य की एक खूबसूरत कहानी कहता है। कपड़ों पर हाथ से की गई कढ़ाई, बारीक एप्लीक वर्क और हैंडवोवन काला कॉटन का उपयोग है, जो आकाश, जल और धरती की लय को फैशन के माध्यम से अभिव्यक्त करता है।
यह लाइन युवाओं को संदेश देती है कि पर्यावरण–हितैषी फैशन अपनाने के लिए स्टाइल से समझौता करने की जरूरत नहीं है।
छात्रों ने तैयार किया टिकाऊ और इमर्सिव VM सेटअप
इस पर्यावरण–हितैषी डिजाइन को वास्तविक अनुभव में बदलने के लिए SOID के छात्रों—निर्वा बागसारिया, अंसारी साहिरा, मोक्ष पोरवाल और कौशिक कुमार—ने एक इमर्सिव विजुअल मर्चेंडाइजिंग इंस्टॉलेशन तैयार किया, जिसे देखकर दर्शक रुकने और समझने के लिए प्रेरित हुए।
इंस्टॉलेशन में शामिल थे:
– पुन: उपयोग और रीसायकल किए गए सामग्री
– समुद्री जीवन से प्रेरित आकृतियाँ और बनावट
– शांत और सुकून देने वाला अंडरवाटर लुक
– पर्यावरण–हितैषी स्पेशल नैरेशन
यह पूरा सेटअप एक अंडरवाटर वर्ल्ड जैसा अनुभव देता है, जिससे दर्शकों को टिकाऊ डिजाइन, समुद्री संरक्षण और जिम्मेदार फैशन से जुड़े संदेश को और गहराई से समझने का अवसर मिला।
मार्गदर्शन और सराहना
छात्रों को SOID के डीन श्री रितेश सिंह और फैकल्टी मेंटर श्री संजय कुमार द्वारा अवधारणा, कारीगरी, नवाचार और डिजाइन–आधारित स्थिरता पर गहन मार्गदर्शन मिला।
उनका काम इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि युवा डिजाइनर सोच–समझकर किए गए विजुअल मर्चेंडाइजिंग के जरिए पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
कलेक्शन को मिल रही है व्यापक सराहना
इस कलेक्शन को पहले TIMES Fashion Week में भी प्रदर्शित किया जा चुका है।
आज भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है:
– पर्यावरण–हितैषी फैशन
– समुद्र–प्रेरित डिजाइन
– टिकाऊ टेक्सटाइल्स
– जिम्मेदार और नैतिक डिजाइन
सिल्वर ओक इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन का उद्देश्य ऐसे रचनात्मक डिजाइनरों को तैयार करना है जो आने वाले समय में धरती और समाज के हित में सार्थक बदलाव लाने वाले डिजाइन विकसित कर सकें।




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