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सुप्रीम कोर्ट का आदेश: समय रैना और अन्य कॉमेडियन हर महीने दो शो कर दिव्यांगों के लिए जुटाएँगे फंड 

SC orders Samay Raina to Perform Two Shows Every Month to Raise Funds for the Disabled

सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और कई अन्य कॉमेडियनों को दिव्यांग व्यक्तियों के समर्थन के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि रैना और बाकी कंटेंट क्रिएटर्स को खुद प्रयास करना होगा कि दिव्यांग लोग इन कार्यक्रमों का हिस्सा बनें।

समय रैना के साथ जिन कलाकारों को यह आदेश मिला है, उनमें विपुल गोयल, बलराज परमारजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर, आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर शामिल हैं। कोर्ट के अनुसार, इन्हें हर महीने कम से कम दो शो करने होंगे ताकि दिव्यांग व्यक्तियों के इलाज के लिए बनाए गए कोष में सहायता जुटाई जा सके।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने यह आदेश Cure SMA India Foundation की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिका में दावा किया गया था कि कुछ ऑनलाइन कंटेंट दिव्यांग लोगों की गरिमा और उनके अधिकारों को ठेस पहुंचाते हैं।

फाउंडेशन ने आरोप लगाया था कि समय रैना ने Spinal Muscular Atrophy (SMA) के महंगे इलाज पर असंवेदनशील टिप्पणी की और एक दिव्यांग व्यक्ति का मज़ाक उड़ाया। अन्य कॉमेडियनों पर भी इसी तरह के आरोप लगाए गए थे।

कोर्ट ने यह भी नोट किया कि पिछले आदेशों के बाद रैना, विपुल गोयल, बलराज सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर ने फंड जुटाने वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की इच्छा जताई थी। उन्होंने दिव्यांग व्यक्तियों की प्रेरणादायक कहानियां अपने प्लेटफॉर्म पर साझा करने की अनुमति भी मांगी थी।

पीठ ने आदेश में कहा कि कार्यक्रमों में दिव्यांग व्यक्तियों को शामिल करना संबंधित कॉमेडियनों की जिम्मेदारी होगी। कोर्ट ने भरोसा जताया कि अगर ये कंटेंट क्रिएटर्स ईमानदारी से उनके काम और संघर्ष को दिखाएंगे, तो दिव्यांग लोग खुद भी इस मुहिम का हिस्सा बनने के लिए आगे आएंगे। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि अगली सुनवाई से पहले कुछ प्रभावी और सकारात्मक कार्यक्रम आयोजित हो चुके होंगे। 

उल्लेखनीय है कि अगस्त में भी सुप्रीम कोर्ट ने सभी कॉमेडियनों को निर्देश दिया था कि वे अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिव्यांगों के प्रति की गई असंवेदनशील टिप्पणियों को लेकर माफी मांगें।

सुनवाई में फाउंडेशन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने सुझाव दिया था कि कंटेंट क्रिएटर्स दिव्यांग व्यक्तियों की समस्याओं और जीवन से जुड़ी कहानियों को अपने प्लेटफॉर्म पर सामने ला सकते हैं। इसी सुझाव के आधार पर कोर्ट ने हर महीने दो कार्यक्रम आयोजित करने का आदेश दिया।

 

एडइनबॉक्स टीम

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