
विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (VGU), जयपुर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग ने राष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता और प्रदर्शनी फोटोमेनिया 2.0 का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न कोर्स के छात्रों, प्रोफेशनल फोटोग्राफरों, फोटोग्राफी प्रेमियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स ने अपनी क्रिएटिविटी और तकनीकी कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट प्रो. एन. डी. माथुर, असिस्टेंट वाइस-प्रेसिडेंट (नेक्स्ट जेन) डॉ. विश्व प्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर मौजूद रहे।
फोटो प्रदर्शनी से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत विभागीय परिसर में आयोजित प्रदर्शनी के उद्घाटन और रिबन कटिंग से हुई। इसके बाद जजों और अतिथियों ने प्रदर्शनी में लगी तस्वीरों का रिव्यू किया और प्रतिभागियों के काम की सराहना की। विविध विषयों पर आधारित तस्वीरों ने स्टूडेंट्स की दृष्टि, प्रयोग और तकनीकी समझ को दर्शाया।
कुलपति ने साझा किए विचार
उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. डी. माथुर ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में फोटोग्राफी सिर्फ एक हॉबी नहीं, बल्कि पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक अनिवार्य कौशल बन चुकी है।
इसके बाद विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. हर्ष तोमर ने फोटोमेनिया 2.0 के उद्देश्य, श्रेणियों और राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी सहभागिता के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण तस्वीरों पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म थी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद देशभर से आई सर्वश्रेष्ठ एंट्रियों की स्क्रीनिंग हुई, जिसमें युवाओं की रचनात्मक सोच और मजबूत विजुअल नैरेशन स्पष्ट दिखाई दिया।
पत्रकारिता में फोटोग्राफी का महत्व
विभागाध्यक्ष दीपक प्रसाद और पत्रकारिता विभाग की टीम — सचिन प्रताप सिंह, डॉ. लकी पराशर, डॉ. प्रज्ञा, डॉ. विकास कुमार, रमा चौधरी, मुस्कान गोलानी और शुभम सक्सेना — ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
सत्र के दौरान पत्रकारिता में फोटोग्राफी की भूमिका, इसके सामाजिक प्रभाव और फोटो जर्नलिज़्म से जुड़े नैतिक मानकों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि आज की मीडिया इंडस्ट्री में विजुअल स्टोरीटेलिंग एक आवश्यक कौशल बन चुकी है, जिसे छात्रों को व्यावहारिक रूप से सीखना जरूरी है।
विजेताओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए और विजेताओं को पुरस्कार व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समापन डॉ. नेहा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने अतिथियों, प्रतिभागियों, फैकल्टी सदस्यों और आयोजन टीम का आभार व्यक्त किया।




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