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AICTE changes BBA-BCA structure: Studies will now be taught according to a new model curriculum

AICTE ने बदला BBA–BCA का ढांचा: अब पढ़ाई होगी नए मॉडल करिकुलम से, AI भी रहेगा शामिल

AICTE changes BBA-BCA structure: Studies will now be taught according to a new model curriculum

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने मैनेजमेंट और कंप्यूटर ऐप्लिकेशन की पढ़ाई में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। बीबीए, बीसीए और बीएमएस जैसे लोकप्रिय ग्रेजुएशन कोर्स अब मॉडल करिकुलम के आधार पर पढ़ाए जाएंगे। यह नई व्यवस्था पूरे देश में एक समान शिक्षा ढांचा तैयार करने की कोशिश है, ताकि इन कोर्सेज की गुणवत्ता और उद्योग से जुड़ाव मजबूत हो सके।

AICTE के वाइस चेयरमैन डॉ. अभय जेरे के अनुसार विश्वविद्यालयों और संबद्ध संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे इन कोर्सेज में तुरंत मॉडल करिकुलम अपनाएं। नई संरचना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भी शामिल किया गया है, ताकि छात्र आने वाले समय की तकनीक और इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से तैयार हो सकें।  

AI के दौर में करिकुलम में बदलाव की जरूरत

इंडस्ट्री में तेजी से हो रहे बदलाव, डिजिटल इकोनॉमी के विस्तार और AI-आधारित नौकरियों की बढ़ती मांग को देखते हुए विशेषज्ञों की मदद से पूरा कोर्स स्ट्रक्चर अपडेट किया गया है।

भारत में हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी मैनेजमेंट और कंप्यूटर ऐप्लिकेशन के कोर्स में प्रवेश लेते हैं। ऐसे में करिकुलम को समयानुसार अपडेट करना जरूरी था।

AICTE का मानना है कि मॉडल करिकुलम लागू होने से पूरे देश में पढ़ाई की एकरूपता आएगी, कोर्स की क्वॉलिटी बेहतर होगी, और छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स मिलेंगी।

शिक्षकों की ट्रेनिंग पर भी फोकस

डॉ. जेरे के अनुसार बदलाव केवल करिकुलम तक सीमित नहीं है। शिक्षकों को भी नए जमाने की तकनीकों के लिए तैयार किया जा रहा है।

अब तक 100 से ज्यादा फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) पूरे किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों में शिक्षकों को नई तकनीकों, आधुनिक टीचिंग मेथड्स, और ताज़ा रिसर्च ट्रेंड्स के बारे में प्रशिक्षित किया जाता है। AICTE का मानना है कि जब शिक्षक अद्यतन होंगे, तभी छात्रों की पढ़ाई उच्च गुणवत्ता वाली बन पाएगी।

2023 में AICTE ने यह फैसला लिया था कि BBA, BCA और BMS कोर्सेज उसकी नियामक सीमा में आएंगे। तब जहां-जहां ये कोर्स चल रहे थे, उन संस्थानों को शुरुआती मंजूरी दे दी गई थी।

इंफ्रास्ट्रक्चर और अप्रूवल प्रोसेस में भी बदलाव

अब जब मॉडल करिकुलम लागू किया जा रहा है, उसी के साथ AICTE ने अप्रूवल प्रोसेस में भी सुधार किए हैं। संस्थान का मूल्यांकन इन आधारों पर किया जाएगा कि क्या उनके पास कोर्स के हिसाब से उचित इंफ्रास्ट्रक्चर है? क्या मॉडल करिकुलम के लिए एकेडमिक तैयारी पूरी की गई है? छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए कौन-सी नई सुविधाएं उपलब्ध हैं?

AICTE ने यह भी बताया कि गर्ल्स स्टूडेंट्स के लिए स्कॉलरशिप शुरू की जाएगी। इससे संबंधित आधिकारिक जानकारी जल्द ही वेबसाइट पर जारी होगी।

2026–27 के लिए अप्रूवल प्रक्रिया शुरू

AICTE ने वर्ष 2026–27 के लिए अप्रूवल प्रोसेस शुरू कर दिया है और विभिन्न संस्थानों से आवेदन भी मांगे हैं। जिन कोर्सों के लिए आवेदन मांगे गए हैं, उनमें डिजाइन, प्लानिंग, होटल मैनेजमेंट, कंप्यूटर ऐप्लीकेशन, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी शामिल हैं। 

स्टैंडअलोन और डीम्ड यूनिवर्सिटी, जो ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) या ऑनलाइन मोड में मैनेजमेंट और कंप्यूटर ऐप्लिकेशन के कोर्स चलाती हैं, उन्हें भी आवेदन करना अनिवार्य होगा।

AICTE का यह कदम भारत की उच्च शिक्षा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप ढालने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। मॉडल करिकुलम से न सिर्फ कोर्स की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि छात्रों को ऐसे स्किल्स भी मिलेंगे जो उन्हें नौकरी के बदलते बाजार में मजबूत बनाएंगे। 

शिक्षकों की ट्रेनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, और नया अप्रूवल प्रोसेस—ये सभी बदलाव उच्च शिक्षा को अधिक पारदर्शी, अप-टू-डेट, और इंडस्ट्री-फ्रेंडली बनाने की दिशा में कदम हैं।

 

एडइनबॉक्स टीम

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