
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के मृदा विज्ञान विभाग ने विश्व मृदा दिवस उत्साह के साथ मनाया, जिसमें फैकल्टी, शोधार्थियों और छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस वर्ष का वैश्विक थीम “स्वस्थ शहरों के लिए स्वस्थ मिट्टी” रहा, जिसका मुख्य संदेश यह है कि सतत विकास, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छ पानी, जैव विविधता और जलवायु सुरक्षा—इन सभी की शुरुआत स्वस्थ मृदा प्रणालियों से होती है।
कार्यक्रम में बताया गया कि मिट्टी ही पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता, कृषि उत्पादन और शहरी पर्यावरण स्वास्थ्य की आधारशिला है। विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव सिखा, विस्तार शिक्षा के अतिरिक्त निदेशक डॉ. जीपीएस सोढ़ी, और वरिष्ठ मृदा वैज्ञानिक डॉ. ओपी चौधरी ने कार्यक्रम में भाग लिया और प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान पोस्टर मेकिंग और स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साह से हिस्सा लिया। पोस्टर प्रतियोगिता में एकता और मिथुन ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि हिमशीखा जोशी और पेरिस्मिता दत्ता दूसरे स्थान पर रहीं।स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में पार्थ, निकिता और अनुराग प्रथम स्थान पर रहे, वहीं अनमोल और सौरव ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को उनकी रचनात्मकता और मिट्टी संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।
मौके पर बोलते हुए डॉ. राजीव सिखा ने मिट्टी को क्षरण, प्रदूषण, संपीड़न और कटाव जैसी खतरनाक चुनौतियों से बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों और शोधकर्ताओं को सतत मिट्टी प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण में नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
मृदा संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाते हुए विभाग परिसर में पौधारोपण अभियान भी आयोजित किया गया, जिससे प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई गई।




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