
सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (SPSU) ने अपने 12वें दीक्षांत समारोह के साथ एक अहम उपलब्धि हासिल की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की माननीय अध्यक्ष डॉ. निधिपति सिंघानिया ने स्नातक हो रहे विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रेरणादायक भाषण दिया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के माननीय राज्यपाल श्री हरिभाऊ किसानराव बागड़े की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह आयोजन आत्मविश्वासी और मूल्यों पर आधारित पेशेवर तैयार करने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
डॉ. सिंघानिया के मुख्य भाषण में ईमानदारी, धैर्य और उद्देश्य को नेतृत्व की असली नींव बताया गया। उन्होंने कहा, “यही गुण आपको जीवन में स्थायी प्रभाव पैदा करने की दिशा दिखाएंगे।” उनके शब्दों में SPSU की मूल सोच झलकती है, जिसमें शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ चरित्र निर्माण और समग्र विकास पर जोर दिया जाता है। समारोह के दौरान इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट पाठ्यक्रमों के कुल 331 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इस दौरान स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिस पर शिक्षकों, परिजनों और विशिष्ट अतिथियों ने उत्साहपूर्वक तालियां बजाईं।
उदयपुर स्थित SPSU देश के प्रमुख निजी विश्वविद्यालयों में शामिल है, जो इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और डिजाइन जैसे पाठ्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय शोध और उद्योग से जुड़ाव के जरिए नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देता है। यह दीक्षांत समारोह तकनीकी दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों को जोड़कर वैश्विक चुनौतियों के लिए छात्रों को तैयार करने की संस्थान की प्रतिबद्धता को भी सामने लाता है।
जैसे-जैसे पूर्व छात्र विश्वविद्यालय परिसर से बाहर अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं, डॉ. सिंघानिया के शब्द आज के बदलते भारतीय रोजगार परिदृश्य में भी गूंजते नजर आते हैं। यही कारण है कि सफल दीक्षांत समारोह के कई सप्ताह बाद भी विश्वविद्यालय और उसके विद्यार्थी उनके संदेश पर लगातार विचार कर रहे हैं।
समारोह की प्रमुख झलकियां और पूरी जानकारी के लिए psu.ac.in/12thconvocation देखें।




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