
हाल ही में अवंतिका विश्वविद्यालय में पाँचवें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समाह्वान 2025 – पाँचवां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर रहा। इस कार्यक्रम की शुरुआत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वाग्देवी जी की मूर्ति के वर्चुअल उद्घाटन से हुई, जिसने नवाचार और पेशेवर भविष्य की ओर बढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए आध्यात्मिक और प्रेरणादायी वातावरण बनाया।
इस अवसर पर पहुंचे विशिष्ट अतिथि
इस समारोह में भारत की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाले कई प्रतिष्ठित अतिथि शामिल हुए—
मुख्य अतिथि: डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश
उन्होंने अवंतिका विश्वविद्यालय परिसर में ज्ञान और विद्या की प्रतीक वाग्देवी जी की मूर्ति का वर्चुअल उद्घाटन किया।
विशेष सम्मानित अतिथि: श्रीमती शिवाशंकर, कॉरपोरेट वाइस प्रेसिडेंट एवं ग्लोबल बिजनेस हेड, HCLTech EdTech
उन्होंने शिक्षा में तकनीक की बढ़ती भूमिका और भविष्य की सीखने की प्रक्रिया पर अपने विचार साझा किए।
विशेष अतिथि: प्रो. खेम सिंह दहेरिया, अध्यक्ष, मध्य प्रदेश प्राइवेट यूनिवर्सिटी रेगुलेटरी कमीशन (MPPURC)
उन्होंने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नियामक उत्कृष्टता के महत्व पर जोर दिया।
इसके अलावा पद्म श्री सम्मानित एवं कुलाधिपति डॉ. संजय धांडे और कुलपति डॉ. नितिन राणे भी मंच पर उपस्थित रहे और छात्रों को डिज़ाइन थिंकर्स से इंडस्ट्री-रेडी प्रोफेशनल बनने की उनकी यात्रा के लिए बधाई दी।
समाह्वान 2025: भारतीय नवाचार की अगली पीढ़ी को सशक्त बनाने की पहल
इस दीक्षांत समारोह में अवंतिका विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और लिबरल आर्ट्स के यूजी और पीजी छात्रों को उनकी डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, छात्र अनुभव साझा सत्र और शोध उत्कृष्टता के लिए सम्मान भी दिए गए।
समारोह में विश्वविद्यालय की डिज़ाइन-आधारित शिक्षा प्रणाली और नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप पाठ्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सस्टेनेबिलिटी और क्रिएटिव प्रॉब्लम सॉल्विंग जैसे कौशल विकसित किए जा रहे हैं।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियां और भविष्य की दिशा
कुलाधिपति डॉ. संजय धांडे ने बताया कि कैसे एक विचार आज 1,600 से अधिक छात्रों वाले एक सशक्त शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित हो चुका है, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने विश्वविद्यालय के मूल सिद्धांत “प्रतिस्पर्धा से अधिक सहयोग” को अकादमिक संस्कृति की आधारशिला बताया।
इस अवसर पर BDes, BTech और MBA डिग्रियां प्रदान की गईं, वहीं सस्टेनेबल डिजाइन और डिजिटल इनोवेशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
समाह्वान 2025 ने एक बार फिर अवंतिका विश्वविद्यालय के 95 प्रतिशत से अधिक प्लेसमेंट रिकॉर्ड को मजबूत किया, जिसमें HCLTech, TCS और अन्य वैश्विक कंपनियां शामिल हैं।
2026 सत्र के लिए एडमिशन डिज़ाइन और इंजीनियरिंग फ्यूजन प्रोग्राम्स में जल्द शुरू होंगे। इच्छुक छात्र आवेदन के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट avantikauniversity.edu.in पर विजिट कर सकते हैं।




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