
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियाँ आज पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वैश्विक मंच पर भारत से जुड़ी उम्मीदों का सबसे बड़ा आधार देश की युवा शक्ति है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं में कुछ नया करने का जज़्बा, सीखने की ललक और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की भावना साफ दिखाई देती है। यही कारण है कि दुनिया भारत को केवल एक बाज़ार नहीं, बल्कि नवाचार और समाधान देने वाले देश के रूप में देख रही है।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर होगा ‘युवा नेताओं का संवाद’
प्रधानमंत्री ने बताया कि 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाएगा। इस मौके पर ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें वे स्वयं भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि युवा अक्सर उनसे पूछते हैं कि वे देश के विकास में अपनी भूमिका कैसे बढ़ा सकते हैं। इसी सोच से यह संवाद मंच तैयार किया गया है, जहाँ युवा नवाचार, स्टार्टअप, फिटनेस, कृषि और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर अपने विचार खुलकर साझा कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं इस संवाद को लेकर बहुत उत्साहित हूं। यह कार्यक्रम युवाओं को अपनी सोच देश के सामने रखने का अवसर देगा।”
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन बना युवाओं के लिए प्रभावी मंच
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मिल रहे नए अवसरों पर भी बात की। उन्होंने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन को ऐसा मंच बताया, जहाँ विचार केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि ज़मीनी समाधान में बदलते हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 का समापन इसी महीने हुआ है। इस दौरान देशभर के छात्रों ने 80 से अधिक सरकारी विभागों से जुड़ी 270 से ज्यादा वास्तविक समस्याओं पर काम किया। इनमें ट्रैफिक प्रबंधन, डिजिटल सेवाएं और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियाँ शामिल थीं।
13 लाख से अधिक छात्र बन चुके हैं हैकाथॉन का हिस्सा
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले सात–आठ वर्षों में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में 13 लाख से अधिक छात्र और 6,000 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थान भाग ले चुके हैं। युवाओं द्वारा दिए गए कई समाधान आज व्यवहारिक रूप से उपयोग में लाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं ने वित्तीय धोखाधड़ी, डिजिटल गिरफ्तारी जैसे नए साइबर अपराधों के समाधान सुझाए हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग को सुरक्षित बनाने के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे पर भी उपयोगी सुझाव सामने आए हैं।
कृषि से लेकर साइबर सुरक्षा तक युवाओं की सक्रिय भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में युवा कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर काम कर रहे हैं। नई तकनीक, डेटा और नवाचार के जरिए खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में युवाओं का योगदान लगातार बढ़ रहा है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे मंचों से जुड़ें, अपनी क्षमताओं को पहचानें और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य युवा ऊर्जा, विज्ञान और नवाचार के सहारे ही आगे बढ़ेगा।




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