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AURO यूनिवर्सिटी ने की छात्रों के लिए AI वर्कशॉप और क्विज़ प्रतियोगिता 2026 की घोषणा

AURO यूनिवर्सिटी ने की छात्रों के लिए AI वर्कशॉप और क्विज़ प्रतियोगिता 2026 की घोषणा

तकनीकी करियर में बेहतर अवसर तलाश रहे छात्रों के लिए AURO यूनिवर्सिटी एक खास पहल लेकर आ रही है। यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और द रिसोर्सफुल नेटवर्क के सहयोग से 9 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे, सूरत कैंपस में AI वर्कशॉप और क्विज़ प्रतियोगिता 2026 का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क है, जिसमें इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देंगे और क्विज़ के जरिए उनकी समझ का मूल्यांकन करेंगे। इस पहल का उद्देश्य गुजरात के छात्रों को भारत की तकनीकी क्रांति के केंद्र में लाना है।

भारत में AI का बढ़ता दायरा और AURO की पहल

नीति आयोग के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यापक उपयोग से वर्ष 2035 तक भारत की GDP में 500–600 अरब डॉलर का योगदान हो सकता है। ऐसे समय में, जब अधिकतर कॉलेज सैद्धांतिक पढ़ाई तक सीमित हैं, AURO यूनिवर्सिटी अनुभव आधारित शिक्षा पर जोर दे रही है।

भारतीय छात्रों के लिए क्यों जरूरी है यह AI वर्कशॉप?

नैसकॉम के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 तक भारत में करीब 10 लाख AI प्रोफेशनल्स की कमी हो सकती है। सूरत, अहमदाबाद और मुंबई जैसे शहरों में AI स्किल्स की मांग हर साल 20–30 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। AURO की यह वर्कशॉप इस गैप को कम करने की दिशा में अहम कदम है, क्योंकि इसमें रटने की बजाय जनरेटिव AI, मशीन लर्निंग के मूल सिद्धांत और वर्कप्लेस में AI की नैतिकता जैसे विषयों पर प्रैक्टिकल सेशंस रखे गए हैं, जिन्हें इंडस्ट्री में काम कर रहे प्रोफेशनल्स पढ़ाएंगे।

क्विज़ प्रतियोगिता में भी सवाल वास्तविक जीवन के उपयोग पर आधारित होंगे, जैसे AI आधारित हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स या फिनटेक ऑटोमेशन। कक्षा 12वीं और स्नातक छात्रों के लिए यह कार्यक्रम CUET, JEE या यूनिवर्सिटी एडमिशन से पहले बेहतरीन तैयारी का अवसर भी प्रदान करता है।

AI इवेंट से छात्रों को क्या फायदे मिलेंगे?

एक्सपर्ट सेशंस: ChatGPT के उपयोग, डेटा एनालिटिक्स और आधुनिक AI टूल्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण।

नेशनल लेवल क्विज़: AI ट्रेंड्स पर प्रतियोगिता, सर्टिफिकेट्स और TCS, Infosys या AI स्टार्टअप्स में इंटर्नशिप के अवसर (AI फ्रेशर्स की औसत सैलरी 8–15 लाख रुपये सालाना)।

नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म: सूरत और गुजरात के उभरते टेक कम्युनिटी से जुड़ने का मौका।

सर्टिफिकेशन: AURO यूनिवर्सिटी के सर्टिफिकेट्स LinkedIn प्रोफाइल, रिज़्यूमे और कॉलेज एप्लिकेशन को मजबूत बनाते हैं।

यह पहल खासतौर पर “AI workshops Surat 2026” और “free AI training Gujarat students” जैसे सर्च ट्रेंड्स को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिससे देशभर के छात्रों का ध्यान आकर्षित किया जा सके।

अन्य विश्वविद्यालयों को भी क्यों अपनाना चाहिए ऐसा मॉडल?

उच्च शिक्षा संस्थानों को इस तरह की वर्कशॉप्स के जरिए अनुभव आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि छात्रों में उद्यमिता, नवाचार और विभिन्न विषयों के बीच सहयोग की सोच विकसित हो। नियमित AI वर्कशॉप्स से कैंपस में AI साक्षरता बढ़ती है, छात्र-नेतृत्व वाले प्रोजेक्ट्स, हैकाथॉन और इंडस्ट्री-स्पॉन्सर्ड रिसर्च को बढ़ावा मिलता है। इससे विश्वविद्यालयों की पहचान इनोवेशन हब के रूप में बनती है और बेहतर फैकल्टी, अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां व नामांकन भी बढ़ते हैं।

AURO यूनिवर्सिटी: गुजरात में AI भविष्य की ओर कदम

सूरत, जो तेजी से गुजरात का नया टेक हब बन रहा है, वहीं स्थित AURO यूनिवर्सिटी अपने B.Tech कंप्यूटर साइंस और B.Sc IT कोर्सेज में ऐसे AI वर्कशॉप्स को शामिल कर रही है। इंडस्ट्री-एलाइन्ड पाठ्यक्रम और NIRF मान्यता के साथ AURO छात्रों को भारत के 17 अरब डॉलर से अधिक के AI मार्केट (2027 तक) के लिए तैयार कर रही है।

भारत की नेशनल AI स्ट्रैटेजी के अनुरूप, यह इवेंट उस सच्चाई को भी संबोधित करता है कि देश के करीब 70 प्रतिशत ग्रेजुएट्स के पास जॉब-रेडी टेक स्किल्स नहीं हैं। इस कार्यक्रम में शामिल छात्र Google, Microsoft या स्थानीय AI स्टार्टअप्स में करियर के लिए भविष्य-सुरक्षित कौशल हासिल कर सकते हैं।

AI वर्कशॉप और क्विज़ प्रतियोगिता 2026

तारीख: 9 जनवरी 2026

समय: सुबह 11 बजे

स्थान: AURO यूनिवर्सिटी, सूरत कैंपस

सीटें सीमित हैं। इच्छुक छात्र auromail.in के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या कैंपस में संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

एडइनबॉक्स टीम

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