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इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT): स्मार्ट जीवन की नई परिभाषा और भविष्य का डिजिटल ताना बाना

पेटेंट फाइलिंग में एलपीयू देश में नंबर-1, आईटी पेटेंट्स में सैमसंग और गूगल को भी पीछे छोड़ा

पेटेंट फाइलिंग में एलपीयू देश में नंबर-1, आईटी पेटेंट्स में सैमसंग और गूगल को भी पीछे छोड़ा

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) ने भारतीय इनोवेशन इकोसिस्टम में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिया की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार, पेटेंट आवेदनों की संख्या के मामले में एलपीयू देश की सभी शैक्षणिक संस्थाओं में पहले स्थान पर रही है।

इनोवेशन में देश का नया लीडर

यह उपलब्धि एलपीयू को भारत में इनोवेशन का पावरहाउस बनाती है। यह मान्यता उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के अंतर्गत कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिज़ाइन्स एंड ट्रेडमार्क्स (CGPDTM) द्वारा दी गई है।

इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है यह तथ्य कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पेटेंट्स के मामले में एलपीयू ने सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और गूगल एलएलसी जैसी वैश्विक टेक कंपनियों को भी पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है।

EduRevolution: छात्रों और फैकल्टी की साझेदारी से बढ़े पेटेंट

एलपीयू इस सफलता का श्रेय अपने EduRevolution कार्यक्रम को देता है। इस पहल के तहत छात्र, शोधकर्ता और फैकल्टी मिलकर विचारों को बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) में बदलते हैं। विश्वविद्यालय का इनोवेशन इकोसिस्टम व्यावहारिक शोध को बढ़ावा देकर राष्ट्र निर्माण में योगदान करता है।

मुख्य उपलब्धियां:

– 2024-25 की रिपोर्ट में किसी भी भारतीय विश्वविद्यालय में सबसे अधिक पेटेंट

– आईटी पेटेंट्स में देश में नंबर-1, सैमसंग और गूगल से आगे

– DPIIT द्वारा समर्थित आधिकारिक मान्यता

– अकादमिक क्षेत्र के माध्यम से ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती

भारत की उच्च शिक्षा के लिए बड़ी उपलब्धि

यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है, जब भारत तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। एलपीयू की सफलता यह दिखाती है कि निजी विश्वविद्यालय भी शोध और इनोवेशन में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। फगवाड़ा स्थित यह संस्थान अब देश में अकादमिक इनोवेशन का नया बेंचमार्क बन चुका है।

रिसर्च और स्टार्टअप्स पर प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि एलपीयू की बढ़त उच्च शिक्षा में एक बदलाव का संकेत है। अधिक पेटेंट का मतलब है—मजबूत स्टार्टअप्स, नए रोजगार और तकनीक का निर्यात। शिक्षा और आविष्कार को एक साथ जोड़ने वाला एलपीयू का मॉडल अब देश की अन्य संस्थाओं में भी अपनाया जा रहा है।

वर्ष 2024-25 में भारत में 1 लाख से अधिक पेटेंट दर्ज किए गए, और अकादमिक संस्थान इस आंकड़े में तेजी से योगदान दे रहे हैं। एलपीयू का दबदबा यह संकेत देता है कि आने वाले समय में IITs/IISc की एकाधिकार वाली स्थिति विविध नेतृत्व में बदल सकती है।

एक नज़र में एलपीयू: पेटेंट पावरहाउस

कुल विश्वविद्यालय पेटेंट्स: भारत में नंबर-1 (सभी संस्थानों से आगे)

आईटी पेटेंट्स: भारत में नंबर-1 (सैमसंग, गूगल से आगे)

यह रिपोर्ट भारतीय इनोवेशन के भविष्य को आकार देने में एलपीयू की अहम भूमिका को रेखांकित करती है।

अधिक जानकारी के लिए एलपीयू की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

एडइनबॉक्स टीम

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