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छात्र फॉरेंसिक साइंस एडमिशन के लिए AIFSET 2026 क्यों चुन रहे हैं?

छात्र फॉरेंसिक साइंस एडमिशन के लिए AIFSET 2026 क्यों चुन रहे हैं?

साल 2026 में फॉरेंसिक साइंस में करियर बनाने की चाह रखने वाले हजारों भारतीय छात्रों के बीच AIFSET (ऑल इंडिया फॉरेंसिक साइंस एंट्रेंस टेस्ट) तेजी से सबसे पसंदीदा राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा बनकर उभरा है। BSc और MSc फॉरेंसिक साइंस कोर्स में दाखिले के लिए AIFSET का सरल और पारदर्शी फॉर्मेट छात्रों को खासा आकर्षित कर रहा है।

इस परीक्षा में 1 घंटे का ऑनलाइन टेस्ट, 100 MCQ प्रश्न, और सिर्फ ₹2000 रजिस्ट्रेशन फीस रखी गई है। जहां राज्य स्तरीय परीक्षाएं छात्रों को स्थानीय कॉलेजों तक सीमित कर देती हैं और निजी विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं महंगी होती हैं, वहीं AIFSET एक ही आवेदन से पूरे भारत के 100% वेरिफाइड कॉलेजों में एडमिशन का मौका देता है।

AIFSET देता है फॉरेंसिक प्रोग्राम्स तक राष्ट्रीय पहुंच

AIFSET में कक्षा 12 के बेसिक सिलेबस पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, जिससे यह साइंस स्टूडेंट्स के लिए आसान और सुलभ बनता है।

अंडरग्रेजुएट (BSc) के लिए पात्रता: कक्षा 12 (PCB/PCM) में 50% अंक

पोस्टग्रेजुएट (MSc) के लिए पात्रता: BSc डिग्री

प्रश्नपत्र में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी या मैथ्स से करीब 60% प्रश्न होते हैं, जबकि बाकी हिस्से में जनरल नॉलेज और लॉजिकल रीजनिंग शामिल रहती है। नेगेटिव मार्किंग नहीं होने से लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को फायदा मिलता है।

इसके अलावा सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग की सुविधा कई कॉलेजों में अलग-अलग आवेदन और यात्रा खर्च की परेशानी को खत्म कर देती है।

एक फीस, कई करियर विकल्प

सिर्फ ₹2000 फीस में छात्र AIFSET के 100% पार्टनर कॉलेजों में आवेदन कर सकते हैं, जहां विशेष फॉरेंसिक ट्रेनिंग दी जाती है।

फॉरेंसिक साइंस से ग्रेजुएट छात्र आगे चलकर क्राइम सीन इन्वेस्टिगेटर, साइबर फॉरेंसिक एनालिस्ट, डीएनए एक्सपर्ट, डॉक्यूमेंट एग्ज़ामिनर, सरकारी FSL अधिकारी जैसे करियर विकल्प चुन सकते हैं। पार्टनर संस्थानों में क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन लैब्स, डीएनए एनालिसिस इक्विपमेंट और साइबर फॉरेंसिक वर्कस्टेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। टॉप रैंक होल्डर्स को स्कॉलरशिप देकर ट्यूशन फीस में भी बड़ी राहत दी जाती है।

स्कूल सिलेबस से ही आसान तैयारी

AIFSET का सिलेबस NCERT कक्षा 12 से लगभग 80% तक मेल खाता है। छात्र रोज़ाना 2 घंटे की सेल्फ-स्टडी से, स्टैंडर्ड टेक्स्टबुक्स, Lucent GK और बेसिक रीजनिंग प्रैक्टिस के जरिए अच्छी तैयारी कर सकते हैं।

फुल-लेंथ मॉक टेस्ट की मदद से 70/100 से ऊपर स्कोर करना संभव है, जिससे अच्छे कॉलेजों में सीट पक्की हो जाती है। महंगी कोचिंग की जरूरत नहीं—पिछले टॉपर्स भी मानते हैं कि स्कूल-लेवल की तैयारी ही पर्याप्त है।

राज्य परीक्षाओं की सीमाएं करता है खत्म

राज्य स्तर की फॉरेंसिक परीक्षाएं छात्रों को अपने क्षेत्र के एक-दो संस्थानों तक सीमित कर देती हैं। वहीं निजी विश्वविद्यालयों में अलग-अलग आवेदन के लिए ₹3000–5000 तक फीस देनी पड़ती है, वो भी बिना किसी प्लेसमेंट गारंटी के।

AIFSET राष्ट्रीय मेरिट-आधारित चयन के जरिए इन सभी समस्याओं का समाधान करता है। ओडिशा, बिहार और यूपी जैसे राज्यों के छात्र गुजरात और हरियाणा के प्रतिष्ठित संस्थानों में भी केवल अपने प्रदर्शन के आधार पर दाखिला पा सकते हैं—स्थानीय कोटा की बाध्यता नहीं रहती।

रजिस्ट्रेशन और परीक्षा समय-सीमा

आवेदन की अंतिम तिथि: 28 नवंबर 2025

परीक्षा: जुलाई 2026

एडमिट कार्ड: जून 2026

काउंसलिंग: अगस्त 2026

हर साल करीब 50,000 छात्र इस परीक्षा में हिस्सा लेते हैं, इसलिए जल्दी रजिस्ट्रेशन करना बेहद जरूरी है। पूरी तरह ऑनलाइन परीक्षा होने से दूर-दराज़ इलाकों के छात्र भी बिना यात्रा के आसानी से शामिल हो सकते हैं।

संक्षेप में, AIFSET 2026 फॉरेंसिक साइंस में करियर शुरू करने का सबसे प्रभावी और भरोसेमंद रास्ता बन चुका है।

एक फीस, राष्ट्रीय स्तर का मौका, वेरिफाइड कॉलेज, सरल सिलेबस—यही सब कुछ छात्रों को भारत के तेजी से बढ़ते जांच और अपराध-विश्लेषण क्षेत्र में सुरक्षित करियर के लिए चाहिए।

अधिक जानकारी और फ्री काउंसलिंग के लिए आज ही AIFSET पोर्टल पर विज़िट करें।

Asmita Sarkar

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