
देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय (Dev Bhoomi Uttarakhand University) ने हाल ही में एक सराहनीय उपलब्धि साझा की है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मेसी रिसर्च (SoPR) में कार्यरत सहायक प्रोफेसर श्री शुभम कुमार को “न्यूरोफंक्शनल प्रभावों के अध्ययन के लिए प्रयोगशाला कृंतक मॉडल (Laboratory Rodent Model for the Study of Neurofunctional Effects)” पर पेटेंट प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि फार्मास्यूटिकल और हेल्थ साइंसेज़ के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की शोध, नवाचार और अकादमिक विकास पर मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह पेटेंट ऐसे प्रयोगशाला कृंतक (Rodent) मॉडल से जुड़ा है, जिसका उपयोग नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) से संबंधित कार्यों में होने वाले बदलावों और प्रभावों के अध्ययन के लिए किया जाता है। हालांकि विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूचना में इस मॉडल के विस्तृत तकनीकी पहलुओं का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन इसके शीर्षक से यह स्पष्ट होता है कि यह आविष्कार नियंत्रित वैज्ञानिक परिस्थितियों में व्यवहारिक, शारीरिक और न्यूरोलॉजिकल परिवर्तनों के अध्ययन में सहायक है। इस तरह के मॉडल आमतौर पर न्यूरोफंक्शनल पैरामीटर्स को समझने और मापने के लिए प्रयोगशालाओं में इस्तेमाल किए जाते हैं।
देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने इस पेटेंट को अपनी व्यापक शोध दृष्टि से जोड़ा है। विश्वविद्यालय का कहना है कि यह उपलब्धि एक मजबूत रिसर्च कल्चर को बढ़ावा देने, शिक्षकों को नवाचारी परियोजनाओं के लिए प्रेरित करने और अकादमिक जगत में सार्थक योगदान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विश्वविद्यालय की सोशल मीडिया पोस्ट में भी यह साफ तौर पर कहा गया है कि यह सफलता “शोध उत्कृष्टता, नवाचार और अकादमिक प्रगति के प्रति हमारी मजबूत प्रतिबद्धता” को दर्शाती है।
स्कूल ऑफ फार्मेसी रिसर्च (SoPR) के फैकल्टी सदस्य के रूप में श्री शुभम कुमार का यह पेटेंट विश्वविद्यालय के फार्मेसी और स्वास्थ्य से जुड़े शोध प्रोफाइल को और सशक्त बनाता है। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत स्तर पर महत्वपूर्ण है, बल्कि उत्तराखंड और देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय की पहचान को भी मजबूत करती है। विश्वविद्यालय ने औपचारिक रूप से उन्हें बधाई देते हुए संदेश जारी किया—“Congratulations Mr. Subham Kumar!”, जो इस उपलब्धि के प्रति संस्थान की सराहना को दर्शाता है।
यह घोषणा देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय, देहरादून के लिए भी एक गर्व का क्षण मानी जा रही है और इसे क्षेत्र में उभरते हुए शिक्षा एवं शोध केंद्र के रूप में विश्वविद्यालय की पहचान से जोड़ा जा रहा है।
कुल मिलाकर, “न्यूरोफंक्शनल प्रभावों के अध्ययन के लिए प्रयोगशाला कृंतक मॉडल” पर सहायक प्रोफेसर शुभम कुमार को मिला यह पेटेंट, देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय की शोध यात्रा में एक ठोस और महत्वपूर्ण कदम है। खासतौर पर स्कूल ऑफ फार्मेसी रिसर्च में नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में यह उपलब्धि मील का पत्थर साबित हो सकती है।




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