
ओडिशा उच्च शिक्षा में तेज़ी से अपनी नई पहचान बना रहा है। विदेशी छात्रों के बीच राज्य की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और इसी ट्रेंड को मजबूत करते हुए, भुवनेश्वर स्थित कीट (KIIT) ने देश के टॉप-5 विश्वविद्यालयों में जगह बनाई है, जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने में सबसे अधिक सफल रहे हैं। नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा विदेशी छात्रों को आकर्षित करने वाले भारत के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल है। भौगोलिक स्थिति और बेहतर कनेक्टिविटी के मामले में भी ओडिशा पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से आगे निकलता दिख रहा है। यही वजह है कि भुवनेश्वर, कोलकाता और हैदराबाद की तुलना में तेज़ी से उभर रहा है।
एनईपी 2020 से मिला बढ़ावा, कीट बना अंतरराष्ट्रीय छात्रों का केंद्र
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 ने उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण को प्राथमिकता दी है। इसी दिशा में कीट ने सबसे अधिक सफलता हासिल की है। भले ही यह एक टियर-II शहर में स्थित है, लेकिन आज कीट पूर्वी भारत में विदेशी छात्रों का सबसे बड़ा केन्द्र बन चुका है। वर्तमान समय में पूर्वी भारत के विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे 2,362 विदेशी छात्रों में से अकेले कीट में ही 70 देशों के 2,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय छात्र पढ़ रहे हैं। इसके अलावा, संस्थान का 5,000 से अधिक विदेशी छात्रों का एक मजबूत वैश्विक एलुमनाई नेटवर्क भी है।
इंडियाट्रेक 2025: 350 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का शानदार आयोजन
कीट की प्रमुख पहल इंडियाट्रेक ने 2025 में एक बड़ा आयाम हासिल किया, जब दुनिया भर के शीर्ष संस्थानों से आए 350 अंतरराष्ट्रीय विज़िटिंग फैकल्टी और पीएचडी स्कॉलर्स ने कैंपस का दौरा किया। इनमें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, एमआईटी, यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन, सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क, यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया जैसे नाम शामिल थे।
यह प्रतिनिधिमंडल 10–15 दिन तक कैंपस में रहा, छात्रों के साथ संवाद किया और ओडिशा के कई पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी किया।
इंडियाट्रेक का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, राजनयिकों, विद्वानों और युवा नेताओं को भारत के अकादमिक माहौल, सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक विकास मॉडल से रूबरू कराना है। यह पहल कीट को वैश्विक शिक्षा संस्थानों के बीच एक अलग स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभा रही है।
हर साल आते हैं 1,000 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि, पहुंचे 25 नोबेल विजेता
कीट हर साल 1,000 से अधिक विदेशी प्रतिनिधियों की मेज़बानी करता है। अब तक देश-विदेश से 3.5 लाख से अधिक लोग कीट और कीस (KISS) में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं। प्रतिनिधियों में से करीब 50% लोग खेल आयोजनों के लिए यहां आते हैं, जिससे यह संस्थान खेल गतिविधियों का भी एक बड़ा केंद्र बन गया है।
कीट की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है—अब तक 25 नोबेल पुरस्कार विजेताओं के व्याख्यानों की मेज़बानी। यह उपलब्धि संस्थान की अच्छी वैश्विक छवि, मजबूत शैक्षणिक ढांचे, खेल सुविधाओं और इसके संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत की सामाजिक पहलों का नतीजा है।
ग्लोबल एक्सचेंज प्रोग्राम्स से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय सहयोग
कीट ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई प्रमुख कार्यक्रम चलाए हैं। इनमें प्रमुख हैं: ग्लोबल फैकल्टी प्रोग्राम, ग्लोबल इमर्शन प्रोग्राम, क्रेडिट-बेस्ड स्टडी अब्रॉड प्रोग्राम।
इन कार्यक्रमों की मदद से दुनिया भर के विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक आदान-प्रदान और छात्र विनिमय लगातार बढ़ रहा है।
ओडिशा और कीट का तेजी से बढ़ता वैश्विक प्रभाव यह दिखाता है कि भारत के टियर-II शहर भी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के बड़े केंद्र बन सकते हैं। ओडिशा की बढ़ती पहुंच, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत अवसंरचना और वैश्विक अकादमिक सहयोग ने इसे देश में उच्च शिक्षा का नया उभरता हब बना दिया है।




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