
दयानंद सागर यूनिवर्सिटी (DSU) ने Translation & Technological Advances in Health Sciences विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान वैश्विक शैक्षणिक जगत के लिए अपने द्वार खोले। इस सम्मेलन में अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया के जीवविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. एन. भरतन ने विशेषज्ञ विचार साझा किए। भारत की AI-फर्स्ट यूनिवर्सिटी DSU का खूबसूरत परिसर और जीवंत शैक्षणिक माहौल देखकर अतिथि प्रोफेसर काफी प्रभावित नजर आए।
युवा छात्रों को संबोधित करते हुए प्रो. एन. भरतन ने उन्हें अपने सपनों के पीछे चलने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग व छात्र विनिमय कार्यक्रमों के माध्यम से दुनिया को जानने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ऐसे वैश्विक सहयोग स्वास्थ्य विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भविष्य के लिए तैयार पेशेवरों को तैयार कर रहे हैं, जो भारत के AI भविष्य को मजबूत बनाने के DSU के मिशन के अनुरूप है।
DSU के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा डॉ. पुष्पा सरकार के नेतृत्व में आयोजित यह सम्मेलन विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीयकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रो. भरतन का DSU दौरा इस बात की पुष्टि करता है कि बेंगलुरु में स्वास्थ्य विज्ञान के छात्रों के लिए DSU अंतरराष्ट्रीय अनुभव और अत्याधुनिक AI इंटीग्रेशन के साथ एक प्रमुख गंतव्य बनकर उभर रहा है।
कर्नाटक के कक्षा 12 के वे छात्र जो “DSU admissions 2026” या “Bengaluru health sciences university” की तलाश कर रहे हैं, उनके लिए यह आयोजन DSU की खास पहचान को उजागर करता है—जहां विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, वैश्विक फैकल्टी के साथ संवाद और बायोटेक्नोलॉजी, AI-हेल्थ टेक व ट्रांसलेशनल रिसर्च जैसे उन्नत कार्यक्रम उपलब्ध हैं। ऐसे शैक्षणिक आदान-प्रदान के जरिए DSU एक बार फिर बेंगलुरु को भारत के इनोवेशन हब के रूप में स्थापित कर रहा है।




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