
देश के सबसे प्रतिष्ठित डिज़ाइन संस्थानों के दरवाज़े खोलने वाली परीक्षा, CEED 2026 (कॉमन एंट्रेंस एग्ज़ाम फॉर डिज़ाइन), हाल ही में देशभर के विभिन्न शहरों में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। IIT बॉम्बे द्वारा आयोजित इस परीक्षा को लेकर छात्रों में भारी उत्साह और थोड़ी घबराहट दोनों ही देखी गई। यह परीक्षा न केवल M.Des (मास्टर ऑफ डिज़ाइन) में दाखिले का जरिया है, बल्कि यह छात्र की रचनात्मक सोच और समस्याओं को हल करने की उसकी क्षमता का एक कड़ा पैमाना भी है।
कैसा था इस बार के पेपर का मिजाज?
परीक्षा देकर निकले छात्रों और विशेषज्ञों की शुरुआती प्रतिक्रियाओं पर गौर करें, तो इस साल का पेपर ‘बैलेंस्ड’ यानी संतुलित लेकिन काफी गहरा था। परीक्षा को दो प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया था:
भाग-A (दिमाग की कसरत): कंप्यूटर आधारित इस खंड में छात्रों को विज़ुअल लॉजिक और एनालिटिकल रीजनिंग से जूझना पड़ा। परीक्षार्थियों का कहना है कि MSQs (मल्टीपल सेलेक्ट क्वेश्चंस) ने उन्हें काफी उलझाया, क्योंकि इसमें एक से ज्यादा सही उत्तरों की पहचान करनी थी।
भाग-B (हाथों और सोच का हुनर): इस खंड में पेंसिल और स्केचबुक के माध्यम से रचनात्मकता को उकेरना था। इस बार के सवाल रटने वाली कला के बजाय व्यावहारिक समाधानों पर केंद्रित थे। इसमें छात्रों की ऑब्जर्वेशन स्किल (अवलोकन क्षमता) की कड़ी परीक्षा ली गई।
छात्रों की जुबानी: “आसान नहीं थी जद्दोजहद”
परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों के बीच गहमागहमी का माहौल रहा। लखनऊ से परीक्षा देने आए एक अभ्यर्थी, ने बताया, “इस साल भाग-A ने काफी समय लिया। ऐसा लगा जैसे बोर्ड हमारी धैर्य शक्ति की परीक्षा ले रहा हो। हालांकि, स्केचिंग वाला हिस्सा काफी मजेदार था, जहाँ हमें समाज की एक समस्या को डिज़ाइन के जरिए सुलझाने का मौका मिला।”
वहीं, कई अन्य छात्रों का मानना था कि जो लोग केवल स्केचिंग के भरोसे आए थे, उनके लिए भाग-A एक बड़ी रुकावट साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों की राय: ‘रट्टा मार’ पढ़ाई का दौर खत्म
डिज़ाइन कोचिंग चलाने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि CEED अब धीरे-धीरे अपनी प्रकृति बदल रहा है। अब यह परीक्षा केवल अच्छी ड्राइंग बनाने वाले कलाकारों की नहीं, बल्कि रणनीतिक विचारकों (Strategic Thinkers) की है। विशेषज्ञों के अनुसार:
– पेपर पिछले साल की तुलना में थोड़ा अधिक विश्लेषणात्मक (Analytical) था।
– डिज़ाइन थिंकिंग के सवालों में ‘यूज़र एक्सपीरियंस’ (UX) को काफी महत्व दिया गया।
– स्केचिंग में सफाई से ज्यादा ‘आइडिया’ की स्पष्टता पर अंक मिलने की संभावना है।
अब आगे क्या?
आईआईटी बॉम्बे के आधिकारिक शेड्यूल के मुताबिक, परीक्षा के परिणाम मार्च 2026 में जारी होने की उम्मीद है। इस परीक्षा के स्कोर के आधार पर छात्र आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली, गुवाहाटी, कानपुर और हैदराबाद जैसे संस्थानों में आवेदन कर सकेंगे।
CEED 2026 ने यह साफ कर दिया है कि भारत में डिज़ाइन अब महज़ एक करियर विकल्प नहीं, बल्कि समस्याओं को देखने का एक नया नज़रिया बन चुका है। जिन छात्रों ने अपनी मौलिकता और तर्कशक्ति पर काम किया है, उनके लिए देश के टॉप संस्थानों के रास्ते यकीनन खुलेंगे। फिलहाल, हजारों परीक्षार्थियों की धड़कनें अब आने वाली ‘आंसर की’ और नतीजों पर टिकी हैं।
-अनन्या अवस्थी




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