Edinbox Hindi
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ेंगे तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व कार्यक्रम में लिया दाखिला

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ेंगे तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व कार्यक्रम में लिया दाखिला

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ेंगे तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व कार्यक्रम में लिया दाखिला

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के केनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में एक अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व कार्यक्रम में दाखिला लिया है। मुख्यमंत्री 25 से 30 जनवरी तक आयोजित होने वाले “लीडरशिप फॉर द 21st सेंचुरी” नामक कोर्स में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में दुनिया के 20 से अधिक देशों से नेता और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। कोर्स पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि यह कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर नीति निर्माण, प्रशासनिक नेतृत्व और आधुनिक चुनौतियों से निपटने से जुड़े अनुभव साझा करने पर केंद्रित है। रेवंत रेड्डी का यह दौरा एक शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत हो रहा है।

विदेश दौरे पर विपक्ष का सवाल

हालांकि, मुख्यमंत्री के इस अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक दौरे को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने रेवंत रेड्डी के विदेश जाने के समय पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि राज्य में कई अहम और तत्काल मुद्दे लंबित हैं, जिन पर मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी जरूरी है। ऐसे में उनका विदेश में अध्ययन के लिए जाना उचित नहीं है।

बीआरएस नेताओं ने आरोप लगाया कि हार्वर्ड में कक्षाओं में भाग लेकर मुख्यमंत्री ने परोक्ष रूप से अपने प्रशासनिक अनुभव की कमी को स्वीकार किया है। पार्टी ने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों ने हार्वर्ड जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का दौरा अध्ययन के लिए नहीं, बल्कि व्याख्यान देने के लिए किया था।

सरकारी खर्च और विदेशी यात्राओं पर आरोप

विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर यह आरोप भी लगाया है कि वे बार-बार सरकारी खर्च पर विदेश यात्राएं कर रहे हैं, लेकिन इन दौरों से अब तक राज्य के लिए किसी बड़े निवेश या ठोस लाभ की जानकारी सामने नहीं आई है। बीआरएस का कहना है कि इस तरह की यात्राएं शासन के मूल मुद्दों से ध्यान हटाती हैं और जनता के रोजमर्रा के सवालों को नजरअंदाज करने का संकेत देती हैं।

वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष का तर्क है कि वैश्विक मंचों पर भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय अनुभव से राज्य के प्रशासन और नीति निर्माण को मजबूती मिलती है। ऐसे कार्यक्रमों से मुख्यमंत्री को वैश्विक नेतृत्व के नए दृष्टिकोण समझने का अवसर मिलता है।

फिलहाल, मुख्यमंत्री के हार्वर्ड दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि यह शैक्षणिक यात्रा राज्य की राजनीति और शासन पर क्या असर डालती है।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed