
एस-व्यासा (S-VYASA) डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु भारत की उन चुनिंदा संस्थाओं में शामिल है, जो योग शिक्षा को आधुनिक विज्ञान से जोड़कर आगे बढ़ा रही हैं। यह विश्वविद्यालय पारंपरिक गुरुकुल प्रणाली को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आयुर्वेद, मैनेजमेंट और आधुनिक रिसर्च स्ट्रीम्स के साथ जोड़ता है। इसका उद्देश्य ऐसे समग्र लीडर्स तैयार करना है, जो योग अभ्यास, वैज्ञानिक शोध और स्किल डेवलपमेंट के जरिए संतुलित जीवन और करियर बना सकें। यहां वेलनेस से जुड़े करियर के साथ-साथ टेक्नोलॉजी आधारित प्रोफेशन को भी बढ़ावा दिया जाता है, जहां वर्क-लाइफ बैलेंस पर खास जोर है।
यूनिवर्सिटी का परिचय
एस-व्यासा डीम्ड यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 2002 में स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान के रूप में हुई थी। पद्मश्री डॉ. एच. आर. नागेंद्र के कार्यकाल में इसे यूजीसी से डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला। विश्वविद्यालय के दो प्रमुख कैंपस हैं—प्रशांति कुटीरम (जिगनी हिल्स पर 200 एकड़ में फैला मुख्य कैंपस) और सत्व ग्लोबल सिटी (राजराजेश्वरी नगर स्थित अर्बन कैंपस)।
विश्वविद्यालय का मिशन “Be and Make” है, जिसका अर्थ है व्यक्तिगत विकास के साथ समाज में सकारात्मक योगदान देना। यह संस्थान AICTE से अनुमोदित है और आयुष मंत्रालय द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में मान्यता प्राप्त है।
रैंकिंग, उपलब्धियां और रिसर्च
एस-व्यासा को NAAC से A+ ग्रेड मिला है, जो निजी योग विश्वविद्यालयों में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। रिसर्च के क्षेत्र में इसे KSURF से 4-स्टार रेटिंग मिली है। विश्वविद्यालय ने MIT (अमेरिका), सेंट पीटर्सबर्ग (रूस) और हांगझोउ (चीन) जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू किए हैं।
यह संस्थान 2026 में ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी योगासन चैंपियनशिप का आयोजन भी करेगा। योग थेरेपी और स्ट्रेस मैनेजमेंट जैसे विषयों पर हर साल 100 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित किए जाते हैं। एससी/एसटी छात्रों सहित चयनित श्रेणियों के लिए मेरिट-कम-मीन्स स्कॉलरशिप भी उपलब्ध है, जिसमें 25 प्रतिशत छात्रों को पूरी फीस में छूट दी जाती है।
एडमिशन के लिए पात्रता
अंडरग्रेजुएट कोर्स के लिए किसी भी स्ट्रीम में 10+2 पास होना जरूरी है, न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 45 प्रतिशत) और हेल्थ से जुड़े कोर्स के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष निर्धारित है।
पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम्स में संबंधित विषय में 50 से 60 प्रतिशत अंकों की आवश्यकता होती है। इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कोर्स के लिए JEE, CAT या MAT के जरिए प्रवेश लिया जाता है, जिसमें न्यूनतम 60 पर्सेंटाइल जरूरी है।
BNYS और BSc योग कोर्स के लिए NEET अनिवार्य नहीं है, लेकिन इंटरव्यू जरूरी होता है।
उपलब्ध कोर्स
एस-व्यासा में BCA, BBA, B.Com, B.Tech, B.Sc कंप्यूटर साइंस, B.Sc साइकोलॉजी (क्लिनिकल), BOT, MBA, MCA, M.Sc कंप्यूटर साइंस, M.Sc साइकोलॉजी, विभिन्न Ph.D प्रोग्राम्स, योग थेरेपी, योग एवं वैदिक वेलनेस, BNYS, BPT, MD योग, MA योग दर्शनम, डिस्टेंस मोड में योग कोर्स और कई सर्टिफिकेट व डिप्लोमा प्रोग्राम्स उपलब्ध हैं। योग के साथ टेक्नोलॉजी और हेल्थ साइंसेज का यह संयोजन इसे अन्य विश्वविद्यालयों से अलग बनाता है।
एस-व्यासा फीस 2026
2026 के लिए फीस स्ट्रक्चर अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं हुआ है। हालांकि, छात्र 2025-26 की फीस के आधार पर अंदाजा लगा सकते हैं कि यह विश्वविद्यालय उनके बजट में है या नहीं। नवीनतम फीस अपडेट के लिए यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट देखना जरूरी है।
कैंपस लाइफ और इंफ्रास्ट्रक्चर
प्रशांति कुटीरम कैंपस 200 एकड़ में फैला एक योग वैली है, जहां योग पवेलियन, रिसर्च लैब, हर्बल गार्डन, इंटरनेशनल हॉस्टल और स्पोर्ट्स एरिया मौजूद हैं। सत्व ग्लोबल सिटी कैंपस में AI लैब्स, 50 हजार से ज्यादा पुस्तकों वाली लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम और कैफेटेरिया है।
यहां रोजाना सुबह 5:30 बजे योग अभ्यास के साथ दिन की शुरुआत होती है। योग कैंप, आयुष कॉन्फ्रेंस और रिसर्च फेस्ट नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
फैकल्टी और रिसर्च
विश्वविद्यालय में 200 से ज्यादा PhD डिग्रीधारी फैकल्टी सदस्य हैं। चांसलर डॉ. एच. आर. दयानंद स्वामी और वाइस-चांसलर डॉ. मंजुनाथ एन. के नेतृत्व में योग वैज्ञानिक, IIT और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से प्रशिक्षित प्रोफेसर पढ़ाते हैं। डायबिटीज, मानसिक स्वास्थ्य और योग पर 500 से ज्यादा रिसर्च पब्लिकेशन हो चुके हैं।
किसे एडमिशन लेना चाहिए
जो छात्र योग, वेलनेस, आयुर्वेद या BNYS और योग थेरेपी में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह यूनिवर्सिटी एक बेहतर विकल्प है। फिटनेस और रिसर्च में रुचि रखने वाले छात्र और वे टेक स्टूडेंट्स जो योग और मेडिटेशन के साथ पढ़ाई करना चाहते हैं, यहां सही मार्गदर्शन पा सकते हैं।
किसे एडमिशन नहीं लेना चाहिए
जो छात्र सख्त दिनचर्या और अनिवार्य योग से बचना चाहते हैं, या पार्टी-कल्चर वाला कैंपस ढूंढ रहे हैं, उनके लिए यह जगह उपयुक्त नहीं है।
कुल मिलाकर, एस-व्यासा डीम्ड यूनिवर्सिटी बेंगलुरु 2026 में योग, वेलनेस और टेक्नोलॉजी को जोड़कर एक नई पीढ़ी के समग्र प्रोफेशनल्स तैयार कर रही है। परंपरा और नवाचार का यह मेल छात्रों को एक अलग पहचान देता है। एडमिशन और फीस से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना बेहतर होगा।




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