
पारुल यूनिवर्सिटी ने गणतंत्र दिवस 2026 को देशभक्ति से भरे वातावरण में मनाया। इस विशेष अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को पूर्व सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल शोकिन चौहान (सेवानिवृत्त) PVSM, AVSM, YSM, SM, VSM की गरिमामयी उपस्थिति ने और भी प्रेरणादायक बना दिया। असम राइफल्स के पूर्व महानिदेशक रहे लेफ्टिनेंट जनरल चौहान ने ध्वजारोहण किया और छात्रों के साथ अनुशासित मार्च पास्ट में भाग लिया। यह क्षण कर्तव्य, एकता और राष्ट्र सेवा के मूल्यों का प्रतीक बना।
लेफ्टिनेंट जनरल शोकिन चौहान: नेतृत्व और सेवा की प्रेरक यात्रा
लेफ्टिनेंट जनरल शोकिन चौहान (सेवानिवृत्त) को परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM), युद्ध सेवा मेडल (YSM), सेना मेडल (SM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हैं। उन्होंने दशकों के सैन्य अनुभव और नेतृत्व की झलक इस कार्यक्रम में साझा की। असम राइफल्स की कमान संभालते हुए उन्होंने कई अहम अभियानों का नेतृत्व किया और देश के प्रति अनुशासन व समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों को राष्ट्रीय सेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के महत्व से अवगत कराया, जिसने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रभावित किया।
एकता और देशभक्ति का संदेश
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान पारुल यूनिवर्सिटी का पूरा समुदाय राष्ट्रीय ध्वज के नीचे एकजुट नजर आया। छात्रों द्वारा किया गया सुव्यवस्थित मार्च पास्ट अनुशासन और सामूहिक गर्व का प्रतीक बना। लेफ्टिनेंट जनरल चौहान की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया, जहां सैन्य इतिहास और युवाओं की आकांक्षाएं एक साथ जुड़ती दिखाई दीं।
यह आयोजन पारुल यूनिवर्सिटी की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें शिक्षा के साथ-साथ नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति संवेदनशीलता को भी समान महत्व दिया जाता है। कार्यक्रम ने छात्रों को 26 जनवरी की भावना को आगे बढ़ाने और देश के लिए सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा दी।




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