
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने बेंचमार्क दिव्यांगता (PwBD) वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक समावेशी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सिविल सेवा परीक्षा 2026 और भारतीय वन सेवा परीक्षा 2026 से लागू होने वाली नई व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्र आवंटन प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। आयोग का कहना है कि इन सुधारों का मकसद PwBD उम्मीदवारों को केंद्र चयन में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करना और उन्हें समान अवसर देना है।
नई व्यवस्था के अनुसार अब PwBD उम्मीदवारों के लिए किसी भी परीक्षा केंद्र पर क्षमता की कोई सीमा तय नहीं होगी। शुरुआत में सभी केंद्र सभी उम्मीदवारों के लिए खुले रहेंगे, लेकिन जैसे ही किसी केंद्र की निर्धारित सीटें भर जाएंगी, वह केंद्र गैर-PwBD उम्मीदवारों के लिए बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद भी PwBD उम्मीदवार उसी केंद्र को चुन सकेंगे और जरूरत पड़ने पर वहां अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दिव्यांग उम्मीदवारों को केवल सीटें भर जाने के कारण अपने पसंदीदा शहर या केंद्र से वंचित न होना पड़े।
UPSC के चेयरमैन अजय कुमार के अनुसार, पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के विश्लेषण से यह सामने आया कि दिल्ली, कटक, पटना और लखनऊ जैसे बड़े परीक्षा केंद्र बहुत जल्दी भर जाते थे। इसका सीधा असर PwBD उम्मीदवारों पर पड़ता था, जिन्हें मजबूरी में दूर के केंद्र चुनने पड़ते थे। नई प्रणाली से इस समस्या का समाधान होगा और PwBD उम्मीदवारों को अपनी पसंद के केंद्र पर परीक्षा देने का अवसर मिल सकेगा।
परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ाया है। नए ऑनलाइन आवेदन सिस्टम में फोटो वेरिफिकेशन और फेस रिकग्निशन जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिससे उम्मीदवार की पहचान का सत्यापन मजबूत होगा और फर्जीवाड़े की गुंजाइश कम होगी। इससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया में भरोसा और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
आयोग ने एक नया और बेहतर ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान हो गई है। अब उम्मीदवार केवल परीक्षा केंद्र ही नहीं, बल्कि आसपास के पसंदीदा शहरों का विकल्प भी चुन सकेंगे। UPSC इस डेटा का उपयोग भविष्य में नए परीक्षा केंद्र तय करने और मौजूदा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए करेगा।
उच्च मांग वाले केंद्रों पर दबाव कम करने के लिए UPSC ने परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई है। प्रारंभिक परीक्षा के लिए मेरठ, कानपुर और भुवनेश्वर को जोड़ा गया है, जिससे कुल केंद्रों की संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है। वहीं मुख्य परीक्षा के लिए भुवनेश्वर, श्रीनगर और इंफाल को शामिल किया गया है, जिससे अब देशभर में 27 केंद्रों पर मेन्स परीक्षा आयोजित होगी।
UPSC ने हाल ही में सिविल सेवा परीक्षा 2026 की अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 933 पद भरे जाएंगे, जिनमें से 33 पद PwBD उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को आयोजित की जाएगी, जबकि चयन प्रक्रिया प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू के तीन चरणों में पूरी होगी।
आयोग का कहना है कि ये सभी बदलाव उसके शताब्दी वर्ष के तहत शुरू किए गए सुधारों का हिस्सा हैं। UPSC का उद्देश्य एक ऐसा परीक्षा तंत्र तैयार करना है जो आधुनिक तकनीक पर आधारित हो, पारदर्शी हो और सभी उम्मीदवारों, खासकर PwBD वर्ग के लिए समान रूप से सुलभ और भरोसेमंद साबित हो।




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