
AIFSET 2026 फॉरेंसिक साइंस में करियर बनाने की चाह रखने वाले छात्रों के लिए एक बेहतरीन मौका है। यह ऐसा क्षेत्र है, जहां विज्ञान की मदद से असल जिंदगी के रहस्यों को सुलझाया जाता है। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा भारत की 150 से अधिक यूनिवर्सिटीज में B.Sc. और M.Sc. फॉरेंसिक साइंस कोर्स में दाखिले का रास्ता खोलती है। हालांकि, इस फॉरेंसिक साइंस एंट्रेंस एग्जाम को सही समय पर देना आपकी तैयारी और सफलता में बड़ी भूमिका निभाता है।
AIFSET 2026 क्या है
ऑल इंडिया फॉरेंसिक साइंस एंट्रेंस टेस्ट यानी AIFSET उन छात्रों के लिए तैयार किया गया है, जो क्राइम लैब और कोर्टरूम से जुड़े मामलों को सुलझाने का सपना देखते हैं। यह परीक्षा साल में एक बार नहीं, बल्कि कई बार आयोजित की जाती है, जिससे छात्रों पर एक ही मौके का दबाव नहीं रहता। आप अपनी पढ़ाई की गति और समय-सारणी के अनुसार सबसे उपयुक्त स्लॉट चुन सकते हैं।
AIFSET की परीक्षा आप घर बैठे अपने लैपटॉप या मोबाइल से दे सकते हैं। इसमें 60 मिनट में 100 अंकों के 100 मल्टीपल चॉइस सवाल होते हैं। इसमें नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, जिससे छात्रों को अतिरिक्त अंक कटने की चिंता नहीं रहती। स्कूल, कोचिंग या पार्ट-टाइम जॉब के साथ तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी है।
AIFSET परीक्षा शेड्यूल: हर महीने मौका
AIFSET 2026 हर महीने कई चरणों में आयोजित की जाती है, ताकि फॉरेंसिक साइंस के इच्छुक छात्र अपनी तैयारी के अनुसार सही समय पर परीक्षा दे सकें। चाहे आप जल्दी दाखिला लेना चाहते हों या कुछ और महीने तैयारी के लिए चाहिए हों, यह परीक्षा दोनों तरह के छात्रों के लिए अनुकूल है। आमतौर पर हर राउंड से कुछ हफ्ते पहले रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाता है। जैसे मौजूदा महीने के लिए रजिस्ट्रेशन 20 फरवरी तक खुले हैं।
परीक्षा के परिणाम भी जल्दी जारी किए जाते हैं, आमतौर पर 2 से 3 दिनों के भीतर। इसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया होती है, जो 150 से अधिक पार्टनर संस्थानों में सीट पाने के लिए जरूरी होती है। सही समय चुनें, तैयारी करें और फॉरेंसिक साइंस में अपना करियर शुरू करें।
सही महीने में AIFSET देना क्यों जरूरी है
AIFSET में अधिकतम तीन प्रयास का मौका मिलता है। इसकी मासिक परीक्षा प्रणाली आपको समझदारी से रणनीति बनाने में मदद करती है। आप चाहें तो जल्दी परीक्षा देकर स्कॉलरशिप और अच्छी सीट सुरक्षित कर सकते हैं या जरूरत पड़ने पर अगले चक्र में दोबारा प्रयास कर सकते हैं। हर प्रयास के साथ आपका आत्मविश्वास बढ़ता है।
जल्दी परीक्षा देने वाले छात्रों को पारुल यूनिवर्सिटी, SMRU, सिल्वर ओक, APG शिमला जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में बेहतर अवसर मिलते हैं। वहीं, बाद के स्लॉट उन छात्रों के लिए फायदेमंद होते हैं, जो फिजिक्स या जनरल नॉलेज जैसे विषयों में अपनी कमजोरियों पर काम करना चाहते हैं। यह व्यवस्था तनाव को काफी हद तक कम कर देती है, क्योंकि समय आपके नियंत्रण में होता है। हजारों छात्रों ने घर बैठे यह परीक्षा पास की है और ग्रेजुएशन के बाद लाखों की सैलरी वाली फॉरेंसिक जॉब हासिल की है।
योग्यता और रजिस्ट्रेशन की आसान प्रक्रिया
B.Sc. फॉरेंसिक साइंस (3 साल) के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी या मैथ्स के साथ कम से कम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। M.Sc. फॉरेंसिक साइंस के लिए संबंधित विषय में B.Sc. डिग्री और 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। अंतिम वर्ष के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन के लिए aifset.com पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है। इसमें ईमेल, शैक्षणिक विवरण भरकर फीस जमा करनी होती है और अपना स्लॉट बुक करना होता है। एडमिट कार्ड परीक्षा से करीब दो दिन पहले जारी कर दिए जाते हैं। इसमें कोई आयु सीमा नहीं है, केवल मेरिट के आधार पर चयन होता है, इसलिए यह परीक्षा बेंगलुरु से लेकर बिहार तक के छात्रों के लिए खुली है।
तैयारी के आसान टिप्स
तैयारी के लिए NCERT की बुनियादी किताबों पर ध्यान दें। क्राइम सीन से जुड़े विषयों के MCQ की प्रैक्टिस करें और मॉक टेस्ट देकर समय प्रबंधन मजबूत करें। सिलेबस काफी हद तक स्कूल स्तर से जुड़ा होता है। मासिक परीक्षा होने से आप लक्ष्य के अनुसार तैयारी कर सकते हैं, एक महीना रिवीजन के लिए और अगला महीना फुल मॉक टेस्ट के लिए रखें। आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध फ्री संसाधनों का भी लाभ उठाएं।
AIFSET में आपका स्कोर ही आपके फॉरेंसिक भविष्य की दिशा तय करता है। अगली परीक्षा के लिए अभी रजिस्ट्रेशन करें और भारत में फॉरेंसिक एक्सपर्ट बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।




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