
आदित्य यूनिवर्सिटी ने 7 फरवरी को आदित्य ग्लोबल बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया। यह एक प्रभावशाली एचआर कॉन्क्लेव था, जिसका विषय “एआई युग में काम का भविष्य” रखा गया। इस कार्यक्रम में वैश्विक कंपनियों से जुड़े प्रतिष्ठित वक्ताओं ने हिस्सा लिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में बदलते कार्यक्षेत्र पर अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने बताया कि एआई किस तरह नौकरियों के स्वरूप को बदल रहा है, कर्मचारियों को किन नए कौशलों की जरूरत होगी और ऑटोमेशन के दौर में नेतृत्व की भूमिका कैसे विकसित हो रही है।
आदित्य ग्लोबल बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 की प्रमुख बातें
कॉन्क्लेव में उद्योग जगत से आए विशेषज्ञों ने एआई से जुड़े बदलावों पर ज़मीनी स्तर की समझ प्रस्तुत की। वक्ताओं ने बताया कि चैटबॉट्स और स्मार्ट एनालिटिक्स जैसे टूल्स काम की गति को तेज कर रहे हैं, जिससे कर्मचारियों को डेटा मैनेजमेंट, रचनात्मक सोच और तेजी से सीखने की क्षमता विकसित करनी होगी। चर्चा में यह भी स्पष्ट किया गया कि एआई नौकरियों को खत्म नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें नए रूप में ढाल रहा है। जो लोग बदलते समय के साथ खुद को ढाल पाएंगे, वही भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभाएंगे।
टैलेंट डेवलपमेंट और भविष्य के कौशल
कार्यक्रम में टैलेंट इवोल्यूशन और भविष्य के स्किल फ्रेमवर्क पर भी खास फोकस रहा। वक्ताओं ने ऐसे प्रोफेशनल्स की बढ़ती जरूरत पर बात की, जो तकनीक की समझ के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी जोड़ सकें। उदाहरण के तौर पर, एआई आधारित रिक्रूटमेंट और कर्मचारी सेवाओं में एचआर की भूमिका तेजी से बदल रही है। इसके साथ ही ऑटोमेटेड वर्क एनवायरनमेंट में नेतृत्व की अहमियत पर भी चर्चा हुई, जहां तकनीकी बदलावों के बीच टीम का भरोसा बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
एचआर कॉन्क्लेव का महत्व
इस कॉन्क्लेव ने शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत तालमेल की आवश्यकता को रेखांकित किया। आदित्य यूनिवर्सिटी की यह पहल छात्रों को वास्तविक दुनिया की समझ, लचीलापन और वैश्विक जॉब मार्केट के अनुरूप कौशल देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि इंटर्नशिप, वर्कशॉप और अपडेटेड पाठ्यक्रमों के जरिए विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाना जरूरी है, ताकि युवा पीढ़ी एआई आधारित भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सके।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित यह कॉन्क्लेव भविष्य में भी ऐसे सहयोग जारी रखने के संदेश के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को आने वाली चुनौतियों के लिए प्रेरित किया और उन्हें नए अवसरों के प्रति तैयार किया। इस तरह के आयोजन यह दर्शाते हैं कि आदित्य यूनिवर्सिटी शिक्षा को समय की जरूरतों के अनुरूप बनाने और भारतीय छात्रों को प्रतिस्पर्धी वैश्विक माहौल में अलग पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है।




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