
अमिटी यूनिवर्सिटी के नोएडा कैंपस में 10 और 11 फरवरी 2026 को सतत उद्यमिता, बिज़नेस ट्रांसफॉर्मेशन और वैल्यू क्रिएशन पर केंद्रित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य बदलते कारोबारी माहौल में टिकाऊ विकास और जिम्मेदार व्यापार मॉडल पर सार्थक चर्चा को बढ़ावा देना रहा।
इस सम्मेलन का आयोजन अमिटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड फाइनेंस की ओर से किया गया, जिसमें देश-विदेश से शिक्षाविद, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और शोधकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सस्टेनेबिलिटी आधारित बिज़नेस मॉडल, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामाजिक उद्यमिता जैसे अहम विषयों पर विस्तार से विचार किया गया।
उद्घाटन सत्र में गोल्डस्मिथ्स, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के एसोसिएट प्रोफेसर इवान जुपिक ने कहा कि आज व्यवसायों का मूल्यांकन सिर्फ वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नैतिक नेतृत्व, स्थिरता, नवाचार और समाज पर लंबे समय तक पड़ने वाला प्रभाव अब वैल्यू क्रिएशन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और तकनीकी बदलाव के संदर्भ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया और इसके लाभों के साथ-साथ संभावित जोखिमों को समझने की जरूरत पर जोर दिया।
पर्यावरणीय स्थिरता के मुद्दे पर फिटसोल के को-फाउंडर दीपक कालरा ने भारत के कार्बन उत्सर्जन परिदृश्य और इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी को अपनाने और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने से हाल के वर्षों में उत्सर्जन वृद्धि की रफ्तार धीमी हुई है। साथ ही उन्होंने सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी पहलों में ज्यादा निवेश और स्पष्ट, मापने योग्य उत्सर्जन घटाने के लक्ष्यों की जरूरत बताई।
सामाजिक उद्यमिता पर बोलते हुए कंजरव इंडिया की को-फाउंडर और प्रेसिडेंट अनीता आहूजा ने सोशल एंटरप्राइज के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सामाजिक प्रभाव, पर्यावरणीय स्थिरता और आर्थिक व्यवहार्यता किसी भी सामाजिक उद्यम की बुनियाद होते हैं। उन्होंने यह भी समझाया कि टिकाऊ बिज़नेस प्रैक्टिस किस तरह सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकती हैं।
ACCA इंडिया में NEWC के एजुकेशन पार्टनर रिलेशनशिप्स लीड रोहन राजवंशी ने शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच तालमेल बनाना उद्देश्यपूर्ण पेशेवर तैयार करने के लिए बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने बदलती कारोबारी अपेक्षाओं के लिए छात्रों को तैयार करने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को भी रेखांकित किया।
सम्मेलन पर प्रतिक्रिया देते हुए अमिटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड फाइनेंस की निदेशक सुजाता खंडई ने कहा कि इस आयोजन का मकसद शिक्षा और उद्योग से जुड़े हितधारकों को एक ऐसा मंच देना था, जहां वे सस्टेनेबिलिटी और उद्यमिता से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों पर खुलकर चर्चा कर सकें।
दो दिवसीय इस सम्मेलन के दौरान सस्टेनेबल फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्स, मार्केटिंग, ईएसजी इंटीग्रेशन और सामाजिक उद्यमिता जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा सामाजिक उद्यमिता पर एक पैनल चर्चा और अकादमिक रिसर्च व पब्लिकेशन पर आधारित एक वर्कशॉप भी कार्यक्रम का हिस्सा रही।




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