
डिजिटल दौर में ग्राफिक डिजाइनिंग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब सिर्फ क्रिएटिविटी ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की समझ भी जरूरी हो गई है। AI की मदद से डिजाइन पहले से ज्यादा स्मार्ट, तेज और प्रोफेशनल बन रहे हैं। यही कारण है कि ग्राफिक डिजाइन के साथ AI सीखने वाले युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। जो छात्र क्रिएटिव फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए ग्राफिक और AI का इंटीग्रेटेड कोर्स एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है।
आज बाजार में कई शॉर्ट टर्म, सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध हैं, जिनमें ग्राफिक डिजाइन और AI दोनों की ट्रेनिंग दी जाती है। इन कोर्स के बाद IT सेक्टर, फिल्म इंडस्ट्री, विज्ञापन एजेंसियों और मीडिया हाउस में नौकरी के अवसर मिल सकते हैं।
सरकारी योजनाओं के तहत उपलब्ध कोर्स
भारत सरकार डिजिटल स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए कई पहल चला रही है। स्किल इंडिया और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के तहत डिजाइन और AI से जुड़े कोर्स कराए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना है।
इसके अलावा ‘Yuva AI for All’ जैसी पहल के जरिए युवाओं को मुफ्त AI ट्रेनिंग देने की दिशा में काम किया जा रहा है। कई सरकारी और सरकारी मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म पर UI/UX डिजाइन, ग्राफिक डिजाइन और AI टूल्स से जुड़े कोर्स उपलब्ध हैं, जिनकी फीस भी किफायती रखी गई है।
कोर्स में क्या सिखाया जाता है?
ग्राफिक डिजाइन और AI के संयुक्त कोर्स में छात्रों को डिजाइन के बेसिक और एडवांस दोनों स्तर सिखाए जाते हैं। इसमें फोटोशॉप और इलस्ट्रेटर जैसे सॉफ्टवेयर का उपयोग, लोगो और ब्रांड डिजाइन तैयार करना, सोशल मीडिया पोस्ट डिजाइन करना और विजुअल कंटेंट बनाना शामिल है।
AI के हिस्से में इमेज जनरेशन टूल्स का इस्तेमाल, ऑटोमैटिक डिजाइन टेम्पलेट तैयार करना, आइडिया जनरेशन और यूजर इंटरफेस (UI) व यूजर एक्सपीरियंस (UX) डिजाइन की ट्रेनिंग दी जाती है। यह संयोजन छात्रों को पारंपरिक डिजाइनर से आगे बढ़ाकर टेक-फ्रेंडली क्रिएटिव प्रोफेशनल बनाता है।
Internshala Training में UI/UX Design with AI कोर्स
इंटर्नशाला ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म पर स्किल इंडिया के तहत एक गवर्नमेंट सर्टिफाइड कोर्स “UI/UX Design with AI” उपलब्ध है। यह कोर्स लगभग 6 हफ्तों का है, जिसमें रोजाना करीब एक घंटे की ऑनलाइन क्लास होती है। इसमें AI टूल्स का उपयोग, डिजाइनिंग की बुनियाद और प्रोजेक्ट वर्क शामिल हैं। कोर्स के साथ प्लेसमेंट सहायता भी दी जाती है, जिससे छात्रों को नौकरी खोजने में मदद मिलती है।
NIELIT में AI सर्टिफिकेट कोर्स
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) भी AI से जुड़े कई सर्टिफिकेट कोर्स ऑफर करता है। ये कोर्स कम फीस में उपलब्ध हैं और सरकारी संस्थान होने के कारण इनकी विश्वसनीयता भी अधिक मानी जाती है। इच्छुक छात्र nielit.gov.in पर जाकर कोर्स की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
करियर और सैलरी की संभावनाएं
ग्राफिक डिजाइन और AI की ट्रेनिंग के बाद करियर के कई रास्ते खुलते हैं। छात्र ग्राफिक डिजाइनर, UI/UX डिजाइनर, डिजिटल मार्केटिंग डिजाइनर, क्रिएटिव स्पेशलिस्ट या विजुअल कंटेंट एक्सपर्ट के रूप में काम कर सकते हैं।
शुरुआती स्तर पर सैलरी आमतौर पर 15,000 से 25,000 रुपये प्रति माह के बीच हो सकती है। अनुभव और स्किल बढ़ने के साथ यह 50,000 से 1 लाख रुपये प्रति माह या उससे अधिक तक पहुंच सकती है। फ्रीलांसिंग करने वाले डिजाइनर प्रोजेक्ट के आधार पर इससे ज्यादा भी कमा सकते हैं।
कुल मिलाकर, अगर आप 12वीं के बाद या ग्रेजुएशन के दौरान ऐसा कोर्स करना चाहते हैं जो रचनात्मकता और तकनीक दोनों को जोड़ता हो, तो ग्राफिक डिजाइनिंग के साथ AI सीखना भविष्य के लिए समझदारी भरा कदम हो सकता है।




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