
अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान (ABV-IIITM), ग्वालियर 21 और 22 मार्च 2026 को “भारतीय गणितीय विरासत: प्राचीन से आधुनिक काल” विषय पर दो दिवसीय हाइब्रिड कार्यशाला आयोजित करने जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम्स और इंजीनियरिंग साइंसेज विभाग द्वारा किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य भारत की समृद्ध गणितीय परंपरा को रेखांकित करना है, जिसकी जड़ें वैदिक काल में मिलती हैं और जिसका प्रभाव आधुनिक वैज्ञानिक अनुप्रयोगों तक देखा जा सकता है।
प्राचीन से आधुनिक गणित तक की शैक्षिक यात्रा
यह कार्यशाला भारतीय उपमहाद्वीप के गणितीय इतिहास को वैदिक और उत्तरवैदिक काल से लेकर आधुनिक दौर तक समझने का अवसर देगी। इसमें शुल्ब सूत्रों की ज्यामिति, अंकगणित, बीजगणित, त्रिकोणमिति तथा प्रारंभिक कलन (कैलकुलस) की अवधारणाओं पर चर्चा होगी। आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त, भास्कराचार्य और केरल स्कूल के गणितज्ञों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा।
विशेषज्ञ वक्ताओं के सत्रों में न केवल गणितीय सिद्धांतों की गहराई पर प्रकाश डाला जाएगा, बल्कि भारतीय गणित की ऐतिहासिक निरंतरता और उसके वैश्विक प्रभाव पर भी चर्चा होगी। प्रतिभागी यह भी जान सकेंगे कि पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली आज के विज्ञान, शिक्षा और अंतरविषयक शोध में किस प्रकार उपयोगी हो सकती है।
विशिष्ट वक्ता और नेतृत्व
कार्यशाला में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षाविद और विशेषज्ञ शामिल होंगे। इनमें प्रो. वेंकप्पैया आर. देसाई (निदेशक, आईआईटी धारवाड़), प्रो. कैलाश विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त प्रोफेसर, बीएनपीजी कॉलेज, राठ, हमीरपुर), डॉ. रमेश वत्स (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, हमीरपुर), डॉ. राकेश भाटिया (राष्ट्रीय सह-संयोजक, वैदिक गणित, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली), डॉ. राजेश ठाकुर (डायट दरियागंज, एससीईआरटी, नई दिल्ली), प्रो. अवनीश कुमार (बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी), डॉ. गजेन्द्र प्रताप सिंह (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली), प्रो. अनुराधा गुप्ता (दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. आयुष गुप्ता (डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर) और प्रो. अनोखे लाल पाठक (ब्रह्मानंद पीजी कॉलेज, कानपुर) शामिल हैं।
सभी वर्गों के लिए खुला अवसर
इस कार्यशाला में स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र, शोधार्थी, पोस्ट-डॉक्टरल फेलो, शिक्षक, स्टार्टअप उद्यमी, पेशेवर और उद्योग विशेषज्ञ भाग ले सकते हैं। हाइब्रिड प्रारूप के कारण प्रतिभागी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जुड़ सकते हैं।
पंजीकरण शुल्क और विवरण
ऑफलाइन प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण शुल्क 1000 रुपये + 18% जीएसटी निर्धारित किया गया है, जबकि ऑनलाइन प्रतिभागियों के लिए शुल्क 500 रुपये + 18% जीएसटी है।
भुगतान एबीवी-आईआईआईटीएम एफडीपी अकाउंट (बैंक ऑफ इंडिया, आईआईआईटीएम कैंपस, ग्वालियर) में किया जा सकता है। अकाउंट नंबर 945210110009380, IFSC कोड BKID0009462 और MICR 474013010 है।
राष्ट्रीय महत्व का संस्थान
साल 1997 में स्थापित एबीवी-आईआईआईटीएम ग्वालियर (मुरैना लिंक रोड, ग्वालियर, मध्य प्रदेश – 474015) देश का एक प्रमुख राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। यह सूचना प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और अनुप्रयुक्त विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान माना जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और कंप्यूटेशन के क्षेत्र में शोध के लिए यह संस्थान विशेष पहचान रखता है। यहां स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं, साथ ही नवाचार और अंतरविषयक शिक्षा को बढ़ावा दिया जाता है।
यह कार्यशाला भारतीय गणित की कालजयी प्रासंगिकता पर गंभीर शैक्षणिक चर्चा का मंच प्रदान करेगी। इच्छुक प्रतिभागियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते पंजीकरण कर अपनी सीट सुरक्षित करें।




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