
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 13 फरवरी 2026 को एक विशेष लाइव वेबकास्ट आयोजित कर स्कूलों, शिक्षकों और परीक्षा अधिकारियों को कक्षा 10 और 12 की आगामी बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े अहम बदलावों और तैयारियों की जानकारी दी। इस सत्र का मकसद परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और निष्पक्ष बनाना है।
वेबिनार की अध्यक्षता परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने की, जबकि शुरुआत बोर्ड के चेयरपर्सन राहुल सिंह के संबोधन से हुई। बोर्ड ने इसे बड़ी परीक्षाओं से पहले सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय और स्पष्ट दिशा देने की अहम पहल बताया।
परीक्षा अनुशासन और अफवाहों पर सख्ती
सीबीएसई ने परीक्षा के दौरान अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों को ईमानदारी से परीक्षा देने के लिए प्रेरित करें और नियमों की जानकारी रखें। छात्रों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और पर्यवेक्षकों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।
बोर्ड ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी वीडियो को लेकर भी चेतावनी दी। छात्रों से कहा गया कि वे केवल आधिकारिक सूचना या अपने स्कूल के शिक्षकों पर भरोसा करें। गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी स्पष्ट की गई।
बड़े स्तर पर होंगी परीक्षाएं
इस वर्ष सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं बड़े पैमाने पर आयोजित की जा रही हैं। लगभग 31 हजार से अधिक स्कूलों और 26 देशों में स्थित केंद्रों के जरिए करीब 46 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। विश्वभर में 8 हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 11 मार्च 2026 तक चलेंगी। वहीं कक्षा 12 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित होंगी। केवल कक्षा 12 में लगभग 18.6 लाख छात्र शामिल होंगे और करोड़ों उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
बोर्ड परीक्षा 2026: तीन बड़े बदलाव
वेबिनार में सीबीएसई ने परीक्षा प्रणाली में तीन प्रमुख सुधारों की घोषणा की।
पहला, कक्षा 10 के छात्रों को दूसरी बोर्ड परीक्षा का अवसर दिया जाएगा, जिससे वे अपने अंकों में सुधार कर सकें।
दूसरा, कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अब डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से किया जाएगा।
तीसरा, कक्षा 10 के विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्रों को विषयवार सेक्शन में बांटा गया है।
बोर्ड का कहना है कि इन बदलावों से मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ेगी, विषय-विशेष आकलन बेहतर होगा और पूरी प्रक्रिया अधिक छात्र-अनुकूल बनेगी।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम कैसे करेगा काम
कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जांचा जाएगा। प्रशिक्षित शिक्षक कंप्यूटर के माध्यम से अंक देंगे। इससे जोड़-घटाव और अंक चढ़ाने जैसी मानवीय गलतियों की संभावना कम होगी।
सीबीएसई के अनुसार, मूल्यांकन से पहले शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद पोस्ट-एग्जाम मार्क्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है, क्योंकि अंक गणना स्वतः सटीक रूप से होती है। हालांकि, छात्र री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
डिजिटल मूल्यांकन के फायदे
बोर्ड के मुताबिक, इस व्यवस्था से अंक जोड़ने और अपलोड करने में होने वाली त्रुटियां खत्म होंगी। शिक्षक अपने ही स्कूल से मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे यात्रा की जरूरत कम होगी और समय की बचत होगी। मूल्यांकन अवधि 12 दिनों से घटकर लगभग 9 दिन रह सकती है, जिससे परिणाम जल्दी घोषित करना संभव होगा।
कक्षा 10 के प्रश्नपत्रों का नया ढांचा
कक्षा 10 के विज्ञान प्रश्नपत्र में अब फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के अलग-अलग सेक्शन होंगे। सामाजिक विज्ञान में इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र को अलग भागों में विभाजित किया गया है। छात्रों को हर सेक्शन अलग-अलग हल करना होगा और संबंधित विषय के शिक्षक ही उत्तर पुस्तिका जांचेंगे। इससे प्रत्येक विषय को समान महत्व मिलने की उम्मीद है।
स्कूलों के लिए सख्त निर्देश
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई स्कूल परीक्षा ड्यूटी या मूल्यांकन के लिए शिक्षकों को समय पर उपलब्ध नहीं कराता है, तो संबंधित स्कूल का परिणाम रोका जा सकता है। बोर्ड ने सफल आयोजन के लिए स्कूलों से पूरा सहयोग मांगा है।
सवाल भेजने की अंतिम तारीख
बोर्ड ने स्कूलों से कहा है कि परीक्षा से जुड़े प्रश्न अगले दिन शाम 5 बजे तक info.cbseexam@cbseshiksha.in पर भेज दें। प्राप्त सवालों के आधार पर एक FAQ सूची तैयार कर सभी संबद्ध स्कूलों को भेजी जाएगी, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।
सीबीएसई का यह वेबकास्ट साफ संकेत देता है कि बोर्ड परीक्षा 2026 को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से मजबूत और छात्र हित में संचालित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।




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