
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत कर रहे उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय (PRSU) ने नए साल की शुरुआत अपने छात्रों के लिए एक बड़ी सौगात के साथ की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से योग और साइकोलॉजी विषयों में पोस्ट-ग्रेजुएशन (PG) कोर्स शुरू करने का फैसला लिया है।
यह फैसला उन छात्रों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, जो स्नातक के बाद इन उभरते और उपयोगी विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। इससे छात्रों को न केवल नए अवसर मिलेंगे बल्कि करियर में आगे बढ़ने की राह भी सहज होगी।
एकेडमिक काउंसिल की बैठक जल्द
विश्वविद्यालय प्रशासन इन दोनों पाठ्यक्रमों को इसी सत्र से लागू करने की तैयारी में जुट गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही एकेडमिक काउंसिल की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में कोर्स संरचना, पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण व्यवस्था और शिक्षण प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा होगी।
जैसे ही काउंसिल की मंजूरी मिलेगी, प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी। यही समिति सीटों के निर्धारण, आवेदन प्रबंधन और काउंसलिंग प्रक्रिया को संभालेगी।
अप्रैल 2026 से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि नए कोर्सेज के लिए आवेदन की प्रक्रिया अप्रैल 2026 से ही शुरू कर दी जाएगी। समय पर एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से छात्रों को अनावश्यक परेशानी नहीं होगी और वे सत्र शुरू होने से पहले ही अपनी तैयारी पूरी कर सकेंगे।
योग डिप्लोमा की सफलता ने बढ़ाया आत्मविश्वास
पिछले शैक्षणिक सत्र में विश्वविद्यालय ने योग विषय में डिप्लोमा कोर्स शुरू किया था, जिसे छात्रों का शानदार प्रतिसाद मिला। बढ़ती मांग और सकारात्मक फीडबैक को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने योग विषय को अब PG स्तर तक विस्तार देने का निर्णय लिया है।
इसके तहत छात्र अब M.A. in Yoga की डिग्री हासिल कर सकेंगे, जो उन्हें प्रोफेशनल ट्रेनिंग, रिसर्च और स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर करियर विकल्प प्रदान करेगी।
क्यों महत्वपूर्ण हैं योग और साइकोलॉजी?
आज के समय में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों ही जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में योग और साइकोलॉजी जैसे विषयों की जरूरत और महत्व लगातार बढ़ रहा है।
साइकोलॉजी
इस विषय में PG शुरू होने से छात्रों को काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य, चाइल्ड साइकोलॉजी, व्यवहार अध्ययन और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा। तनाव और मानसिक चुनौतियों से जूझ रहे समाज में प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिकों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
योग
योग में परास्नातक की डिग्री छात्रों को स्वास्थ्य विज्ञान, वेलनेस ट्रेनिंग, योग थैरेपी, शोध कार्य और फिटनेस इंडस्ट्री में रोजगार के व्यापक अवसर प्रदान करेगी। इसके साथ ही यह समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कुलपति का बयान
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने इन नए कोर्सेज के फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास का वातावरण देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कुलपति ने बताया कि कोर्सेज की विस्तृत रूपरेखा, पात्रता नियम, सीटों की संख्या और अन्य दिशा-निर्देश जल्द ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।




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