
केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिया है कि वे परिसर में राजनीतिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए नियम तैयार करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करें। यह कदम केरल हाई कोर्ट के हालिया निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है, जिसमें अदालत ने स्पष्ट किया था कि ऐसे मसौदा नियम 4 मार्च तक प्रस्तुत किए जाएं।
राजभवन (लोक भवन) की ओर से शुक्रवार को जारी बयान के मुताबिक, राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में कुलपतियों की बैठक बुलाई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि हाई कोर्ट के आदेश का पालन समय पर और सख्ती से हो। अदालत ने विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीतिक गतिविधियों और इससे जुड़े विवादों को लेकर नियम बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया था।
बैठक में राज्यपाल ने कहा कि न्यायालय के निर्देश केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि इन्हें प्राथमिकता के साथ लागू करना जरूरी है। उन्होंने कुलपतियों से कहा कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर मसौदा तैयार करें ताकि विश्वविद्यालयों में अनुशासन और शैक्षणिक माहौल प्रभावित न हो।
बैठक के अंत में सभी कुलपतियों ने सर्वसम्मति से अदालत के निर्देशों का पालन करने पर सहमति जताई। उन्होंने माना कि इस विषय पर पहले आए न्यायिक फैसलों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट और प्रभावी नियम बनाना आवश्यक है, जिससे विश्वविद्यालय परिसर शिक्षण-केंद्रित और निष्पक्ष बने रहें।
यह कदम केरल में जारी उस बहस के बीच आया है, जिसमें लंबे समय से विश्वविद्यालय परिसरों में छात्र राजनीति और उससे जुड़ी घटनाओं पर सवाल उठते रहे हैं। अब यह देखना अहम होगा कि विश्वविद्यालय किस तरह इन नियमों को लागू करते हैं और राजनीतिक गतिविधियों के दायरे को किस सीमा तक तय किया जाता है।




Add comment