
Sri Sri University (एसएसयू) ने दुबई में आयोजित तीसरे अंतरराष्ट्रीय आयुष सम्मेलन और प्रदर्शनी 2026 में भाग लेकर वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। यह प्रतिष्ठित आयोजन Dubai World Trade Centre में हुआ, जहां दुनिया भर से 1,200 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस बड़े मंच पर एसएसयू के दो फैकल्टी सदस्यों ने साक्ष्य-आधारित पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई।
प्रसूति तंत्र विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. देविका श्रीनिवासन ने सम्मेलन में एक प्रभावशाली वैज्ञानिक प्रस्तुति दी। उनकी रिसर्च ने विश्वविद्यालय में हो रहे नवाचार और शोध कार्य को सामने रखा, जिसे विशेषज्ञ पैनल ने सराहा। उनकी प्रस्तुति ने भारतीय आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्पष्ट और मजबूत पहचान दिलाने में योगदान दिया।
वहीं शल्य तंत्र विभाग के डॉ. निखिल कौशिक ने आयुष के नवीन हस्तक्षेपों पर आधारित एक शोध पोस्टर प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति के बाद विभिन्न देशों और राज्यों के वैज्ञानिकों के साथ सार्थक चर्चा हुई और पारंपरिक शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में नए सहयोग की संभावनाएं बनीं।
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में एक लाख से अधिक आगंतुक, 160 से ज्यादा प्रतिभागी और 160 से अधिक प्रदर्शक शामिल हुए। यह सम्मेलन समग्र स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में ज्ञान साझा करने का एक बड़ा मंच माना जाता है। एसएसयू की सक्रिय भागीदारी ने यह दिखाया कि विश्वविद्यालय भारतीय पारंपरिक विज्ञान, विशेषकर आयुर्वेद, को वैश्विक स्वास्थ्य पद्धतियों में अग्रणी स्थान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि Sri Sri University प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक प्रमाणों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।




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