
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने 2025 सत्र में डिप्लोमा और पोस्ट-एमबीबीएस डीएनबी ब्रॉड स्पेशियलिटी कोर्स में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए जॉइनिंग प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। बोर्ड ने उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे ऑनलाइन पोर्टल फॉर जॉइनिंग एंड रजिस्ट्रेशन (OPJR) पर अपनी सभी जॉइनिंग औपचारिकताएं और सेल्फ-अप्रेजल अनिवार्य रूप से पूरा करें।
नए सत्र में यह प्रक्रिया सभी अभ्यर्थियों पर लागू होगी—चाहे वे मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के माध्यम से आवंटित सीट पर जॉइन कर रहे हों या राज्य सरकार, रेलवे, पीएसयू या ईएसआईसी के इन-सर्विस कोटा के तहत प्रवेश ले रहे हों। एनबीईएमएस से मान्यता प्राप्त अस्पतालों को भी उम्मीदवारों की जानकारी और दस्तावेजों के सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
9 मार्च से सक्रिय होगा ओपीजेआर पोर्टल, 9 अप्रैल अंतिम तारीख
बोर्ड ने बताया है कि OPJR पोर्टल 9 मार्च से सक्रिय रहेगा। अभ्यर्थियों के पास 9 अप्रैल तक जॉइनिंग औपचारिकताएं पूरी करने का समय होगा। इसके बाद अस्पतालों के पास 30 अप्रैल तक उम्मीदवारों के दस्तावेज़ और सेल्फ-अप्रेजल की जांच करने और आवंटन विवरण की पुष्टि करने की समयसीमा होगी।
नोटिस के अनुसार उम्मीदवारों को पोर्टल पर जॉइनिंग फॉर्मैलिटीज पूरी करनी होंगी, सेल्फ-अप्रेजल फॉर्म भरना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित अस्पताल उनके द्वारा दी गई जॉइनिंग रिपोर्ट (Annexure-A) को पोर्टल पर अपलोड करे। अस्पतालों को अभ्यर्थियों की जानकारी का सावधानी से सत्यापन करना आवश्यक होगा। यह सेल्फ-अप्रेजल प्रक्रिया प्रशिक्षु के पंजीकरण की पात्रता निर्धारित करने के लिए अनिवार्य है।
दस्तावेज़ सत्यापन में सख्ती, आरक्षित श्रेणी के लिए विशेष निर्देश
मान्यता प्राप्त अस्पतालों को मूल दस्तावेजों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। विशेष रूप से SC, ST, OBC और EWS श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए अस्पतालों को एमसीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार वैध जाति/श्रेणी प्रमाणपत्र का सत्यापन अनिवार्य रूप से करना होगा।
इन-सर्विस अभ्यर्थियों के लिए ‘रिलिविंग’ अनिवार्य
एनबीईएमएस ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य कोटा या सरकारी संस्थान से इन-सर्विस आधार पर प्रवेश लेने वाले उम्मीदवारों का प्रशिक्षण तभी शुरू माना जाएगा, जब उन्हें उनकी मूल संस्था से औपचारिक रूप से कार्यमुक्त (Relieved) कर दिया जाए। इससे पहले शुरू की गई कोई ट्रेनिंग मान्य नहीं होगी और उसे शून्य माना जाएगा।
अस्थायी पंजीकरण पत्र जारी होगा, गलत जानकारी पर कार्रवाई
जॉइनिंग और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को अस्थायी पंजीकरण पत्र जारी किया जाएगा। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह अस्थायी होगा और आगे के सत्यापन पर निर्भर करेगा। यदि सेल्फ-अप्रेजल या दस्तावेजों में कोई गलत सूचना पाई जाती है, तो उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
एनबीईएमएस ने यह भी दोहराया है कि प्रशिक्षण काउंसलिंग की रिपोर्टिंग अवधि के भीतर शुरू होना चाहिए। बिना पूर्व अनुमति के जॉइनिंग तिथि में किसी भी प्रकार का विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा।




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