
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। Staff Selection Commission (SSC) ने भर्ती प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए एक नया नियम लागू करने की घोषणा की है। आयोग ने ‘स्लाइडिंग मैकेनिज्म’ (Sliding Mechanism) नाम की व्यवस्था शुरू की है, जिससे अब भर्ती के दौरान खाली रह जाने वाली सीटों को उसी साल के योग्य उम्मीदवारों से भरा जा सकेगा।
अब तक SSC की कई भर्तियों में ऐसा देखा जाता था कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कुछ पद खाली रह जाते थे। कई बार चयनित उम्मीदवार डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए नहीं पहुंचते थे या फिर उन्हें कहीं और बेहतर नौकरी मिल जाने के कारण वे जॉइन नहीं करते थे। चूंकि पहले SSC में वेटिंग लिस्ट की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए ये खाली पद अगले साल की भर्ती में जोड़ दिए जाते थे। इससे उस साल परीक्षा पास करने वाले कई योग्य उम्मीदवारों को मौका नहीं मिल पाता था। इसी समस्या को दूर करने के लिए आयोग ने यह नया मैकेनिज्म शुरू किया है।
क्या है SSC का ‘Sliding Mechanism’
नए नियम के तहत भर्ती प्रक्रिया पहले की तरह ही शुरू होगी। सबसे पहले रिजल्ट जारी किया जाएगा और उम्मीदवारों को उनकी मेरिट और पसंद के आधार पर अलग-अलग पद आवंटित किए जाएंगे। इस चरण को फर्स्ट राउंड अलॉटमेंट कहा जाएगा।
इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को SSC के क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर आधार सत्यापन कराना होगा। इस प्रक्रिया के लिए आमतौर पर करीब 10 दिन का समय दिया जाएगा। सत्यापन के दौरान उम्मीदवारों को दो विकल्प चुनने का मौका मिलेगा—‘FIX’ और ‘FLOAT’
अगर कोई उम्मीदवार अपनी मिली हुई पोस्ट से संतुष्ट है, तो वह ‘FIX’ विकल्प चुन सकता है। इसका मतलब होगा कि उसे वही पोस्ट अंतिम रूप से मिल जाएगी और आगे उसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, अगर कोई उम्मीदवार चाहता है कि आगे चलकर अगर उसकी पसंद की कोई बेहतर पोस्ट खाली होती है तो उसे वह मिल सके, तो वह ‘FLOAT’ विकल्प चुन सकता है। यह विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को खाली पदों पर मेरिट के आधार पर ऊपर की पसंद वाली पोस्ट मिलने का मौका मिल सकता है।
खाली सीटों का ऐसे होगा इस्तेमाल
वेरिफिकेशन के दौरान जो उम्मीदवार उपस्थित नहीं होंगे या किसी कारण से प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनकी सीटें खाली मानी जाएंगी। इसके बाद इन खाली पदों को उन उम्मीदवारों को दिया जाएगा जिन्होंने ‘FLOAT’ विकल्प चुना है और जिनकी मेरिट बेहतर है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद एक फाइनल रिजल्ट जारी किया जाएगा और चयनित उम्मीदवारों की फाइलें संबंधित विभागों को भेज दी जाएंगी।
उम्मीदवारों के लिए जरूरी बातें
इस पूरी प्रक्रिया को सिर्फ एक बार ही लागू किया जाएगा, यानी बार-बार नई लिस्ट जारी नहीं होगी। अगर किसी उम्मीदवार ने ‘FLOAT’ चुना और उसे नई पोस्ट मिल गई, तो उसे वही जॉइन करनी होगी। अगर वह ऐसा नहीं करता है, तो उसकी पुरानी और नई दोनों सीटें रद्द हो सकती हैं। वहीं जो उम्मीदवार तय समय में वेरिफिकेशन के लिए नहीं पहुंचेंगे, उनकी उम्मीदवारी भी रद्द मानी जाएगी।
SSC का मानना है कि इस नए कदम से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। साथ ही इससे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को उसी भर्ती चक्र में नौकरी मिलने का अवसर मिल सकेगा। आयोग जल्द ही इस नई व्यवस्था से जुड़ा विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी करेगा।




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