
आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी और होम्योपैथी जैसे आयुष विषयों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए अहम खबर है। National Testing Agency (NTA) ने नेशनल टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (NTET) 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जारी सूचना के अनुसार NTET 2026 के लिए आवेदन 11 मार्च 2026 से शुरू हो चुके हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 2 अप्रैल 2026 तय की गई है। उम्मीदवार 3 अप्रैल 2026 तक परीक्षा शुल्क जमा कर सकते हैं। वहीं आवेदन फॉर्म में किसी तरह की गलती होने पर उसे सुधारने के लिए 4 से 6 अप्रैल 2026 तक करेक्शन विंडो उपलब्ध रहेगी। परीक्षा का आयोजन 28 अप्रैल 2026 को किया जाएगा।
क्या है NTET परीक्षा
National Teachers Eligibility Test (NTET) एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है, जिसे खास तौर पर आयुष विषयों में शिक्षक बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए आयोजित किया जाता है। यह परीक्षा यह तय करती है कि अभ्यर्थी कॉलेज स्तर पर पढ़ाने के लिए कितने योग्य हैं।
सरल शब्दों में समझें तो अगर किसी उम्मीदवार ने आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी या होम्योपैथी जैसे विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और वह मेडिकल कॉलेज या उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाना चाहता है, तो उसके लिए NTET पास करना जरूरी होता है। इस परीक्षा के जरिए उम्मीदवार की विषय पर पकड़, पढ़ाने की क्षमता और छात्रों को समझाने के तरीके का आकलन किया जाता है।
ऐसे करें NTET 2026 के लिए आवेदन
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। उम्मीदवार सबसे पहले NTA की आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in पर जाएं। इसके बाद होमपेज पर दिए गए NTET 2026 Registration लिंक पर क्लिक करें। यहां नया रजिस्ट्रेशन कर लॉगिन आईडी बनानी होगी।
लॉगिन करने के बाद आवेदन फॉर्म में मांगी गई जरूरी जानकारी भरें, संबंधित दस्तावेज अपलोड करें और निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट या PDF अपने पास सुरक्षित रखना जरूरी है।
कौन कर सकता है आवेदन
NTET परीक्षा में वही उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं जिनके पास आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी या होम्योपैथी में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हो। यह डिग्री किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से होनी चाहिए।
परीक्षा में सफल होने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। 50 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा में योग्य माना जाएगा।
क्या परखा जाता है परीक्षा में
NTET के माध्यम से सिर्फ विषय ज्ञान ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार की शिक्षण क्षमता का भी आकलन किया जाता है। परीक्षा में यह देखा जाता है कि अभ्यर्थी की टीचिंग स्किल, कम्युनिकेशन स्किल और क्लासरूम को संभालने की क्षमता कैसी है। साथ ही यह भी परखा जाता है कि उम्मीदवार छात्रों को विषय कितनी स्पष्टता से समझा सकता है और क्या वह पढ़ाने के आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर सकता है।
आयुष क्षेत्र में बढ़ती मांग के बीच NTET जैसी परीक्षा को शिक्षण गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अहम माना जाता है। ऐसे में जो उम्मीदवार आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी या होम्योपैथी में अकादमिक करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह परीक्षा एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।




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