
भारत में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ती कंटेंट चोरी को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को नोटिस जारी कर अपने प्लेटफॉर्म से पाइरेटेड यानी चोरी किए गए कंटेंट को हटाने के लिए कहा है। यह नोटिस Information Technology Act 2000 के तहत भेजा गया है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अगर प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट वाले कंटेंट की अवैध शेयरिंग जारी रहती है तो इसके खिलाफ आगे कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट कानूनों का पालन अनिवार्य है और किसी भी तरह की कंटेंट चोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दरअसल, यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके कंटेंट को टेलीग्राम के अलग-अलग चैनलों पर अवैध रूप से साझा किया जा रहा है। शिकायत करने वालों में JioCinema और Amazon Prime Video जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन कंपनियों का आरोप है कि उनकी फिल्मों और वेब सीरीज की बड़ी मात्रा टेलीग्राम चैनलों के जरिए मुफ्त में बांटी जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि टेलीग्राम पर बड़ी संख्या में ऐसे चैनल सक्रिय हैं जो नियमित रूप से पाइरेटेड कंटेंट शेयर करते हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच में कुल 3143 टेलीग्राम चैनलों की पहचान की गई है। इन चैनलों पर नई फिल्में, वेब सीरीज और ओटीटी प्लेटफॉर्म का अन्य कॉपीराइटेड कंटेंट बड़े पैमाने पर अपलोड और वितरित किया जा रहा था।
मंत्रालय ने टेलीग्राम से इन चैनलों पर तुरंत कार्रवाई करने और पाइरेटेड सामग्री को हटाने के लिए कहा है। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ऐसे चैनलों पर नजर रखनी चाहिए, ताकि कॉपीराइट उल्लंघन को रोका जा सके।
डिजिटल मनोरंजन के तेजी से बढ़ते बाजार के बीच कंटेंट चोरी का मुद्दा लंबे समय से ओटीटी कंपनियों के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस तरह की अवैध शेयरिंग पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो इससे फिल्म और ओटीटी उद्योग को भारी नुकसान हो सकता है। सरकार की यह कार्रवाई इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।




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