
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी कौशल विकास योजना, प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत देशभर में अब तक 1.64 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण या ओरिएंटेशन दिया जा चुका है। यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा (B. L. Verma) ने लोकसभा में लिखित जवाब के दौरान साझा की। योजना का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार व्यावहारिक कौशल प्रदान कर उनकी रोजगार क्षमता को मजबूत बनाना है।
यह योजना वर्ष 2015 में शुरू की गई थी और तभी से कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है। वर्तमान में इसका नया संस्करण पीएमकेवीवाई 4.0 लागू है, जिसे स्किल इंडिया मिशन के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का दावा है कि नई तकनीकों और उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण मॉड्यूल को लगातार अपडेट किया जाता है।
8 मार्च 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत लाखों युवाओं को विभिन्न सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया गया है। कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 66,982 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया, जबकि टेलीकॉम सेक्टर में 1,27,106 युवाओं ने प्रशिक्षण पूरा किया। हेल्थकेयर क्षेत्र में 1,16,776 उम्मीदवारों को स्किल ट्रेनिंग मिली। करियर और एजुकेशन काउंसलिंग से जुड़े क्षेत्रों में भी 4,150 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। इन चार प्रमुख सेक्टरों में कुल 3,15,014 उम्मीदवारों ने प्रशिक्षण हासिल किया है।
योजना के प्रभाव को लेकर किए गए मूल्यांकन में कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। नीति आयोग द्वारा अक्टूबर 2025 में किए गए अध्ययन में 94% नियोक्ताओं ने कहा कि वे पीएमकेवीवाई से प्रशिक्षित उम्मीदवारों को नौकरी देने में रुचि रखते हैं। वहीं लगभग 52% प्रतिभागियों ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें बेहतर वेतन मिला या भविष्य में आय बढ़ने की संभावना दिखाई दे रही है।
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की रिपोर्ट में यह सामने आया कि 70.5% उम्मीदवारों को उनके मनचाहे सेक्टर में प्लेसमेंट मिला। इसी तरह अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान द्वारा किए गए अध्ययन में बताया गया कि 70% प्रशिक्षुओं को रोजगार, कौशल या आत्मविश्वास में लाभ हुआ। रिकॉग्निशन ऑफ प्रायोर लर्निंग (RPL) के तहत 79% उम्मीदवारों ने अपने सर्टिफिकेशन को उपयोगी बताया।
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि 31 दिसंबर 2025 तक 8 लाख से अधिक अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के युवाओं को इस योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इससे दूरदराज के इलाकों के युवाओं को भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं।
पीएमकेवीवाई 4.0 को वित्त वर्ष 2022-23 से स्किल इंडिया प्रोग्राम के अंतर्गत लागू किया गया है। इसके तहत शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग (STT) और रिकॉग्निशन ऑफ प्रायोर लर्निंग (RPL) जैसे मॉड्यूल के माध्यम से युवाओं को या तो नए कौशल सिखाए जाते हैं या उनके मौजूदा कौशल का सरकारी प्रमाणन किया जाता है। ट्रेनिंग प्रदाताओं को भुगतान सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार किया जाता है, जिन्हें समय-समय पर अपडेट भी किया जाता है, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनी रहे।




Add comment